फूंक दी लंका सारीVerified Lyrics 

Phunk Di Lanka Sari

जब रावण पापी न माना, प्यार से बात तुम्हारी,
जय सिया राम की बोल के तुमने, फूंक दी लंका सारी,
सीता बोली बजरंग बाला मैं जाऊ बलहारी,
जय सिया राम की बोल के तुमने, फूंक दी लंका सारी।

अज्ञानी पापी ने तुम्हरी, पूंछ में आग लगा दी,
मन में दबी थी क्रोध की ज्वाला, जुल्मी ने बड़ा दी,
समज लिया बानर तुम को, लंकेश की मत गई मारी,
जय सिया राम की बोल के तुमने, फूंक दी लंका सारी।

राख बना दी पल भर में, सोने की चमकती लंका,
बजा दियां बाला जी तुमने, राम नाम का ढंका,
कर दियां ये ऐलान मरोगे, अब सब बारी बारी,
जय सिया राम की बोल के तुमने, फूंक दी लंका सारी।

दस के दस सिर घूम गए, रावण ने ये जब देखा,
लगा सोचने पार करी क्यों, मर्यादा की रेखा,
क्या होगा जब आएगी, श्री राम की यह सवारी,
जय सिया राम की बोल के तुमने, फूंक दी लंका सारी।

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