यकीन हो पक्का मन हो सच्चा आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजीverified 

Yakin Ho Pakka Man Ho Sachcha Aana Ho Darbar

यकीन हो पक्का, मन हो सच्चा, ऐसे विश्वास से जब हम आने को तत्पर हैं दरबार में। बालाजी के पावन दरबार में हमें आनंद और शांति की अनुभूति होती है। वहाँ हमें दिव्यता और ध्यान का महसूस होता है, जैसे कि भगवान की प्रत्यक्षता हमारे सामने है। हम प्रणाम करते हैं उनकी आगे, विश्वास के साथ यह जानते हुए कि उनकी कृपा सदैव हमारे साथ है। जब हम उनके प्रति पूर्ण समर्पण के साथ आत्मीयता से दरबार में आते हैं, तो हमें उनकी प्रसन्नता मिलती है और हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आना हो दरबार, हमें भक्ति मिलेगी और हम अपने जीवन में आनंद और समृद्धि का अनुभव करेंगे।

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी

1. सच्ची मन में श्रधा लाके
श्री राम ने ध्यान लगा
झूठा घमंड छोड़ दे सारा
बेईमाना और छोड़ दगा
भगती कर के प्राण जगा ले
ले ले सच्चा नाम
मिलेंगे तुझे बालाजी
यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी

2. बुराई से करले ओ दुरी
तामसिक खाना छोड़ दे तू
सारे संकट कट जायेंगे
नियम बाबा के मान ले तू
श्री राम का ला जयकारा
करले अच्छा काम
मिलेंगे तुझे बालाजी
यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी
यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी

3. मात पिता की सेवा कर ले
बाबा राजी हो जायेगा।
सतगुरु की तू बात मान ले
पाप से मुक्ति जायेगा।
धाम स्वर्ग का तू पायेगा
तू छोड़ दे दोष तमाम
मिलेंगे तुझे बालाजी
यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे बालाजी
यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी

4. अच्छे कर्म करे जा बन्दे
फल बाबा पर छोड़ दिये।
सच्चे करम से पार उतरग्या
भगत अमन ने देख लिया।
गुरु की जाके शरण लिए तू
तेरा हो जयगा उद्धार
मिलेंगे तुझे बालाजी
यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी
यकीन हो पक्का मन हो सच्चा
आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी

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