पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु। कृपा कर अपनायो॥ जन्म जन्म की पूंजी पाई। जग में सबी खुमायो॥ खर्च ना खूटे, चोर ना लूटे। दिन दिन बढ़त सवायो॥ सत की नाव खेवटिया सतगुरु। भवसागर तरवयो॥ मीरा के प्रभु गिरिधर नगर। हर्ष हर्ष जस गायो॥

देता है वो राम का कदम कदम पर साथ

देता है वो राम का, कदम कदम पर साथ, रहे उसके सर पर हरदम-2, श्री राम प्रभु का हाथ, देता है वो राम का, कदम कदम पर साथ।। जहां जहां श्री राम चलेंगे, वहां वहां हनुमान जी, जैसे जैसे राम कहेंगे, वो ही करेंगे हनुमान जी, प्रभु श्री राम की देखो-2, माने वो सारी बात,

दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं

दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं।। हो जाते है जिसके अपने पराये हनुमान उसको कंठ लगाये जब रूठ जाये संसार सारा बजरंगबली तब देते सहारा अपने भक्तो का बजरंगी मान करते है संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं।। दुनिया में काम कोई ऐसा नहीं है हनुमान

देखा लखन का हाल तो श्री राम रो पड़े

देखा लखन का हाल तो श्री राम रो पड़े। अंगत सुग्रीव जामवंत बलवान रो पड़े॥ लंका विजय की अब मुझे, चाहत नहीं रही। मुझमें धनुष उठाने की, ताकत नही रही। रघुवर के साथ धरती, आसमान रो पड़े॥ करने लगे विलाप, श्री राम फुटकर। क्या मै जवाब दूँगा, अयोध्या में लौटकर। जितने थे मन में राम

दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना।।

दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना।। सीता हरण की कहानी सुनो बनवारी मेरी जुबानी सुनो सीता मिले ना श्री राम के बिना पता चले ना हनुमान के बिना ये दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना।। लक्ष्मण का बचना मुश्किल

दुनिया चले ना श्री राम के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना दुनिया चले

दुःख सुख दोनो कुछ पल के, कब आये कब जाये

दुःख सुख दोनो कुछ पल के कब आये कब जाये दुःख है ढलते सूरज जैसा शाम ढले ढल जाये दुःख सुख दोनो कुछ पल के कब आये कब जाये दुःख है ढलते सूरज जैसा शाम ढले ढल जाये हो.. शाम ढले ढल जाये दुःख तो हर प्राणी को होय राम ने भी दुःख झेला धैर्य

दिल खोले मिल के बोलो सारे बोलो सीता राम

रामा ओ रामा रे, रामा ओ रामा रे रामा ओ रामा रे, रामा ओ रामा रे रामा ओ रामा रे, रामा ओ रामा रे दिल खोले, मिल के बोलो, सारे बोलो, सीता राम, जीना क्या उस का जीना, जो लेता कभी ना, सिया वर राम का नाम॥ रामा ओ रामा रे, रामा ओ रामा रे

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया, राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया॥

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया। राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया॥ द्वारे पे उसके जाके कोई भी पुकारता, परम कृपा दे अपनी भव से उभारता। ऐसे दीनानाथ पे बलिहारी सारी दुनिया, दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया॥ दो दिन का जीवन प्राणी कर ले विचार तू, प्यारे प्रभु को अपने मन में निहार तू।

तेरे मन में राम, तन में राम, रोम रोम में राम

दोहा: राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट। अंत समय पछतायेगा, जब प्राण जायेंगे छूट॥ तेरे मन में राम, तन में राम, रोम रोम में राम रे, राम सुमीर ले, ध्यान लगाले, छोड़ जगत के काम रे। बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम॥ माया में तू उलझा उलझा धर धर धुल