ताना रे ताना विभीषण का जिसको नहीं सुहाया

ताना रे ताना विभीषण का जिसको नहीं सुहाया भरी सभा में फाड़ के सीना बजरंग ने दिखलाया बैठे राम राम राम सीता राम राम राम देख राम सीता की मूरत लंकापति घबराया धन्य है रे बजरंगी उसको जिसका तू है जाया शर्मिंदा हो लंकपति ने अपना शीश झुकाया भरी सभा में फाड़ के सीना बजरंग

राम भी मिलेंगे तुझे श्याम भी मिलेंगे जब तुझे श्री हनुमान जी मिलेंगे

राम भी मिलेंगे तुझे श्याम भी मिलेंगे जब तुझे श्री हनुमान जी मिलेंगे राम भी मिलेंगे तुझें श्याम भी मिलेंगे।। ◾️राम और श्याम को बजरंगी बड़े प्यारे योद्धा है कन्हैया के राम के दुलारे चाहे जो बजरंगी राम श्याम जी मिलेंगे चाहे जो बजरंगी राम श्याम जी मिलेंगे राम भी मिलेंगे तुझें श्याम भी मिलेंगे।।

राम का सुमिरन किया करो प्रभु के सहारे जिया करो

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो जो दुनिया का मालिक है, नाम उसी का लिया करो राम का सिमरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो जो दुनिया का मालिक है, नाम उसी का लिया करो राम का सिमरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो (जो दुनिया का मालिक है,

राम का गुणगान करिये, राम का गुणगान करिये।

राम का गुणगान करिये, राम का गुणगान करिये। राम प्रभु की भद्रता का, सभ्यता का ध्यान धरिये॥ ◾️ राम के गुण गुणचिरंतन, राम गुण सुमिरन रतन धन। मनुजता को कर विभूषित, मनुज को धनवान करिये, ध्यान धरिये॥ ◾️ सगुण ब्रह्म स्वरुप सुन्दर, सुजन रंजन रूप सुखकर। राम आत्माराम, आत्माराम का सम्मान करिये, ध्यान धरिये॥

जहाँ बजरंगी सरकार बाबा के दर आ जाना।

जहाँ बजरंगी सरकार, बाबा के दर आ जाना। आ जाना, आ जाना, आ जाना, आ जाना, जहाँ बजरंगी सरकार, बाबा के दर आ जाना। पा जाना, पा जाना, पा जाना, पा जाना, पा जाना खुशियाँ अपार, बाबा के दर आ जाना॥ जहाँ बजरंगी सरकार, बाबा के दर आ जाना। है सच्चा सालासर दरबार, बाबा के

राम पे जब जब विपदा आई कौन बना रखवाला।।

राम पे जब जब विपदा आई, कौन बना रखवाला, राम पे जब जब विपदा आई, कौन बना रखवाला, मेरा बजरंग बाला, मेरा बजरंग बाला, मात सिया को राम प्रभु से, कौन मिलाने वाला, मेरा बजरंग बाला, मेरा बजरंग बाला।। ◾️जितने भी काम थे मुश्किल, बजरंग के हिस्से आये, हनुमत के सिवा कोई भी, सागर को

राम कहानी सुनो रे राम कहानी, कहत सुनत आवे आँखों में पानी

राम कहानी सुनो रे राम कहानी कहत सुनत आवे आँखों में पानी श्री राम जय जय राम ◾️ दशरथ के राज दुलारे, कौशल्या की आँख के तारे वे सूर्य वंश के सूरज, वे रघुकुल के उज्जयारे राजीव नयन बोलें मधुभरी वाणी राम कहानी सुनो रे राम कहानी ◾️ शिव धनुष भंग प्रभु करके, ले आए

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंगबली ले के शिव रूप आना गज़ब हो गया।

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंगबली ले के शिव रूप आना गज़ब हो गया। त्रेता युग में थे तुम आये द्वार में भी तेरा कलयुग में आना गज़ब हो गया॥ ।।बचपन की कहानी निराली बड़ी जब लगी भूख बजरंग मचलने लगे। फल समझ कर उड़े आप आकाश में तेरा सूरज को खाना गज़ब हो

राम जी के साथ जो हनुमान नहीं होते राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते।।

राम जी के साथ जो हनुमान नहीं होते राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते।। ◾️हनुमान पर्वत उठाकर ना लाते कैसे संजीवन सुषेण वेद पाते प्राण जाते लक्ष्मण के राम रहते रोते राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते। राम जी के साथ जो हनुमान नहीं होते राम जी के पुरे कभी काम

राम कहने से तर जाएगा, पार भव से उत्तर जायेगा।

राम कहने से तर जाएगा, पार भव से उत्तर जायेगा। ◾️ उस गली होगी चर्चा तेरी, जिस गली से गुजर जायेगा। राम कहने से तर जाएगा… ◾️ बड़ी मुश्किल से नर तन मिला, कल ना जाने किधर जाएगा। राम कहने से तर जाएगा… ◾️ अपना दामन तो फैला ज़रा, कोई दातार भर जाएगा। राम कहने