प्यारा सजा है द्वार भवानी

बड़ा प्यारा सजा है द्वार भवानी । भक्तों की लगी है कतार भवानी ॥ प्यारा सजा….. ऊँचे पर्वत भवन निराला । आके शीश निवावे संसार, भवानी ॥ प्यारा सजा….. जगमग जगमग ज्योत जगे है । तेरे चरणों में गंगा की धार, भवानी ॥ तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी ॥ प्यारा सजा….. लाल चुनरिया

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।। जय गणेश ।। एकदन्त दयावन्त चार भुजा धारी। माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी।। जय गणेश ।। पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे सन्त करे सेवा।। जय गणेश ।। अँधे को आँख देत कोढ़िन को काया बाँझन

गौरा जी के लाडले,गणपति बप्पा मोरेया।

दोहा : गौरा जी के लाडले, तुम सबके आधार। प्रथम मनावें आपको, तो हो जाये बेड़ा पार।। तेनुं पूज रहे मिल सारे, गणपति बप्पा मोरेया। तेरा जग विच चानण सारे, गणपति बप्पा मोरेया।। आदि गणेश, ब्रम्हा, विष्णु मनावें शिव शंकर वी तेरा यश गावें मैया गौरा दी अखाँ दे तारे। – गणपति बप्पा मोरेया.. गुणीजन,

सीताराम कहिये। जाहि विधि राखे राम

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये। जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।। मुख में हो राम-नाम राम सेवा हाथ में। तू अकेला नहीं प्यारे राम तेरे साथ में।। विधि का विधान जान हानि-लाभ सहिये। जाहि विधि…… किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा। होगा प्यारे वही जो श्रीरामजी को भायेगा।। फल आशा त्याग शुभ कर्म करते

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे || ॐ जय || जो ध्यावे फल पावे, दुःखबिनसे मन का, स्वामी दुःखबिन से मन का, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का || ॐ जय || मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी,

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् नवकञ्ज लोचन कञ्ज मुखकर कञ्जपद कञ्जारुणम् १.. कंदर्प अगणित अमित छबि नव नील नीरज सुन्दरम् पटपीत मानहुं तड़ित रुचि सुचि नौमि जनक सुतावरम् २.. भजु दीन बन्धु दिनेश दानव दैत्यवंशनिकन्दनम् रघुनन्द आनंदकंद कोशल चन्द दशरथ नन्दनम् ३.. सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदार अङ्ग विभूषणम् आजानुभुज सर चापधर

राधिका गौरी से बृज की छोरी से

कृष्ण – राधिका गौरी से बृज की छोरी से मैया कराय दे मेरो ब्याह यशोदा – उम्र तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है कैसे करा दूँ तेरा ब्याह – राधिका गौरी से कृष्ण – जो नहीं ब्याह करावे, तेरी गैया न चारो आज के बाद मोरी मैया, तेरी देहली पर ना आऊँ आयेगा रे

जब से देखा तुम्हे, जाने क्या हो गया, ए खाटू वाले

जब से देखा तुम्हे, जाने क्या हो गया, ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया । तू दाता है तेरा, पुजारी हूँ मैं, तेरे दर का ए बाबा, भिखारी हूँ मैं । तेरी चौखट पे दिल है, मेरा खो गया, ए मुरली वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥ जब से मुझको ए श्याम,

तेरी यमुना दा मीठा मीठा पानी

तेरी यमुना दा मीठा मीठा पानी मटकियाँ भर लेन दे – तेरी यमुना मैं तो जब यमुना तट पर आई आगे मिल गए कृष्ण कन्हाई मेरी, एक बात ना मानी – मटकियाँ भर लेन दे… अर्ज करी दोनों कर जोरि फिर भी उसने बांह मरोरि फिर खूब हुई खैंचताणि – मटकियाँ भर… करके बहाना पानी

हम आज सभी मिलकर, तेरी रात जगायेंगे।

हम आज सभी मिलकर, तेरी रात जगायेंगे। ओ महावीर सुनलो, तेरी महिमा गायेंगे। तुझसे मिलने को भला, कोई रोकेगा कैसे कदमों से लिपट जाएं, वृक्ष की लता जैसे सपनों में मिले थे तुम, अब सामने पाएँगे। हम आज सभी…. पूरी होगी तृष्णा, प्यासे इन नयनन की। माथे से लगा लेंगे, धूलि तेरे चरणन की। चरणामृत