तू राम भजन कर प्राणी, तेरी दो दिन की जिन्दगानी।Verified Lyrics  

Tu Ram Bhajan Kar Prani Teri Do Din Gi Jindgani

♡

तू राम भजन कर प्राणी, तेरी दो दिन की जिन्दगानी।
काया-माया बादल छाया, मूरख मन काहे भरमाया॥
उड़ जायेगा साँसका पंछी, फिर क्या है आनी-जानी।
तू राम भजन कर प्राणी…

जिसने राम-नाम गुन गाया, उसको लगे ना दुखकी छाया।
निर्धनका धन राम-नाम है, मैं हूँ राम दिवानी।
तू राम भजन कर प्राणी…

जिनके घरमें माँ नहीं है, बाबा करे ना प्यार।
ऐसे दीन अनथोंका है, राम-नाम आधार॥
मुखसे बोलो रामकी बानी, मनसे बोलो रामकी बानी।
तू राम भजन कर प्राणी…

सजन सनेही सुखके संगी, दुनियाकी है चाल दुरंगी।
नाच रहा है काल शीश पे, चेत-चेत अभिमानी॥
तू राम भजन कर प्राणी, तेरी दो दिन की जिन्दगानी।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *