अनोखी थारी झाँकीVerified Lyrics 

Ankhi Thari Jhanki

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अनोखी थारी झाँकी-२
ओ म्हारा माँ अंजनी का लाल,
अनोखी थारी झाँकी,
ओ म्हारा सालसर हनुमान,
अनोखी थारी झाँकी।

थारे सर पे मुकुट विराजे,
कानो में कुंडल साजे,
थारे गले विराजे हार,
अनोखी थारी झाँकी।

थारे नैणा सुरमो साजे,
माथे पे तिलक विराजे,
बाबा मुख में नागर पान,
अनोखी थारी झाँकी।

थारे पाव पैजनिया साजे,
चलता में रूण झुण बाजे,
ओ बाबा या छवि की बलिहार,
अनोखी थारी झाँकी।

थारे अंग में चोला साजे,
उपर से बर्क विराजे,
थारे रोम रोम में राम,
अनोखी थारी झाँकी।

लक्ष्मण जब मूर्छित पाए,
संजीवन बूटी ल्याये,
ओ बाबा लाए पहाड़ उठाए,
अनोखी थारी झाँकी।

अनोखी थारी झाकी-२
ओ म्हारा माँ अंजनी का लाल,
अनोखी थारी झाकी,
ओ म्हारा सालसर हनुमान,
अनोखी थारी झाँकी।

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