तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदास मन काहे को करे।

राम नाम सोहि जानिये, जो रमता सकल जहान,
घट घट में जो रम रहा, उसको राम पहचान।
तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदास मन काहे को करे।

नैया तेरी राम हवाले, लहर लहर हरि आप सँभाले।
हरि आप ही उठावे तेरा भार, उदास मन काहे को करे॥

काबू में मँझधार उसी के, हाथों में पतवार उसी के।
तेरी हार भी नहीं है तेरी हार, उदास मन काहे को करे॥

सहज किनारा मिल जायेगा, परम सहारा मिल जायेगा।
डोरी सौंप के तो देख एक बार, उदास मन काहे को करे॥

गर निर्दोष तुझे क्या डर है, पग पग पर साथी ईश्वर है।
जरा भावना से कीजिये पुकार, उदास मन काहे को करे॥

गीता की 151 चुनिंदा पंक्तियों का संकलन| आशा है की यह पंक्तियाँ आपने जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगी| जय श्री कृष्णा !

गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं

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