बजरंग बलि मेरी नाव चली मेरी नाव को पार लगा देना

बजरंग बलि मेरी नाव चली
मेरी नाव को पार लगा देना
संताप ह्रदय का मिटा देना
बजरंग बलि मेरी नाव चली।।

मै दास तो आपका जन्म से हूँ
बालक और शिष्य भी धर्म से हूँ
निर्लज्ज विमुख निज कर्म से हूँ
चित से मेरा दोष भुला देना
बजरंग बलि मेरी नाव चली।।

दुर्बल गरीब और दिन भी हूँ
नित कर्म क्रिया गति क्षीण भी हूँ
बलवीर तेरे आधीन हूँ मैं
मेरी बिगड़ी बात बना देना
बजरंग बलि मेरी नाव चली।।

बल मुझको दे निर्भय कर दो
यश शक्ति मेरी अक्षय कर दो
मेरा जीवन अमृतमय कर दो
संजीवन मुझे पीला देना
बजरंग बलि मेरी नाव चली।।

करुणा निधि नाम तो आप का है
तुम राम दूत अविराम प्रभु
छोटा सा है एक काम मेरा
श्री राम से मोहे मिला देना
बजरंग बलि मेरी नाव चली।।

बजरंग बलि मेरी नाव चली
मेरी नाव को पार लगा देना
मुझे माया मोह ने घेर लिया
संताप ह्रदय का मिटा देना
बजरंग बलि मेरी नाव चली।।

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