तेरी यमुना दा मीठा मीठा पानी मटकियाँ भर लेन दे – तेरी यमुना मैं तो जब यमुना तट पर आई आगे मिल गए कृष्ण कन्हाई मेरी, एक बात ना मानी – मटकियाँ भर लेन दे… अर्ज करी दोनों कर जोरि फिर भी उसने बांह मरोरि फिर खूब हुई खैंचताणि – मटकियाँ भर… करके बहाना पानी
सरवरीये री पाल खड़ी या, नानी नीर बहावे है, माँ के जाये बीर बिना कुण-2, भात भरण ने आवे है।। 1. एक दिन म्हारो भोळो बाबुल, अरबपति कहलायो थो, अन धन रा भण्डार घणेरा ओर छोर नहीं पायो थो। ऊँचा ऊँचा महल मालिया, नगर सेठ कहलायो थो, अणगिणती का नोकर चाकर, याद म्हने सब आवे
कोई प्यार से मेरे श्याम को सजादे गजब हो जायेगा गजब हो जायेगा||1|| गंगा जल से इन्हें नहलाओ, सारे जमाने का इतर लगाओ फिर रंग बसंती चोला पहनाले गजब हो जायेगा गजब हो जायेगा||2|| ज़िन्दगी के दुखो से कभी, उदास नहीं होते यूपी में रहने वाले कभी निराश नहीं होते इन हाथो की लकीरो पे
कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में, क्या रखा है झूठी दुनियादारी में, दो पहलु संसार के दो रुख वाली रीत, दिन अच्छे तो सब अपने दूरबीन मिले ना मीत, साथ तेरा.. मिले-2, लाचारी में, कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में, मौसम से बदले यहाँ, लोगो का व्यवहार झूठे रिश्ते, झूठे नाते, झूठा है
आये तेरे नवरात्रे मैया, आए तेरे नवरात्रे, कंजका पूजूँ ज्योत जगाऊँ, रोज़ करूँ जगराते मैया, आये तेरे नवरात्रे मैया, आए तेरे नवरात्रे। पहले नवरात्री खेतेरी बीजूं, धुप और दीप जलाऊँ, उसमें मैं गणपति की मैया, गौरी के दर्शन पाऊँ, कर दे कृपा दे हरियाली, ख़ुशहाली महारानी, अन्न धन जीवन के सुख सारे, तेरे द्वार से
जलवा कम न होगा मेरे खाटू के दरबार का, मैं हो गया दीवाना मेरे श्यामजी के प्यार का, मैं घना दीवाना हो गया इस कलयुग के अवतार का। हाथ में निशान लेके जाऊ खाटू धाम मैं अन मन धन वारु प्यारे श्री श्याम पे छोटा सा मंदिर बनवाऊ मेरे लख दातार का मैं हो गया
आज है मंगलवार तेरा मिलना हम को प्यार तेरा सब देवो को लाना है अपना वचन निभाना है हे मारुती नंदन केसरी नन्द धरे तेरा हम ध्यान मेरे घर आयेगे आयेगे हनुमान। सीता जी को लेके आना संग में मेरे राम जी आँगन में रखते ही कदम सिद्ध होंगे मेरे काम जी उठ ते बैठ
राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है। भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन, फिर भी दीप जलाये रही है। कृष्ण को गोकुल से राधे को… बरसाने से बुलाय रही है। दोनों करो स्वीकार कृपा कर, जोगन आरती गाये रही है। दोनों करो स्वीकार कृपा कर, जोगन आरती गाये रही है। भोर भये
शनि शिंगणापुर से मेरा भाग खुल गया रे, जादू हो गया रे कैसा जादू हो गया रे। बचपन से सुनता आया शनि की कहानी रे, आज मुझे याद आई अमृत की वाणी रे, सपने में कोई मुझे मंत्र दे गया रे, जादू हो गया रे कैसा जादू हो गया रे। जाग उठा मैं तो लगी