माया कोणी चले सागे रे,Lyrics Verified 

टेर : माया कोणी चले सागे रे,
दया धर्म पुण्यदान भजन कर मिलसी आगे रे।
पिछले जन्म में करी कमाई लगा रहा घर में ठाट,
बिना भजन जो आये जगत में रहे है विपदा काट।
माया कोणी…..
मात पिता की सेवा कर ले, नित उठ ले आशीष,
घर आँगन में मौज मनाओ सत्य है बिसवा बीस।
माया कोणी…..
सास ससुर की सेवा करले नित उठ पावा लाग,
ले आशीष बड़ो की बेटा बना रहे तेरा भाग।
माया कोणी…..
नेम धर्म जप तप तूं करियो अपने पति के संग,
दया धर्म की करियो कमाई हाथ न होशी तंग।
माया कोणी…..
घर आंगन में ख़ुशी रहेगी होसी मौज बहार,
अन्नक्षेत्र श्रीराम मंदिर के भजनो का है सार।
माया कोणी…..

गीता की 151 चुनिंदा पंक्तियों का संकलन| आशा है की यह पंक्तियाँ आपने जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगी| जय श्री कृष्णा !

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