घणा दिन सो लियो रे अब तो जाग मुसाफिर जाग।Lyrics Verified 

दोहा : कबीरा सुता क्या करें जागन जपे मुरार।
एक दिन तो है सोवना लम्बे पाँव पसार।।
टेर : घणा दिन सो लियो रे अब तो जाग मुसाफिर जाग।
पहले सोयो माता के गर्भ में उल्टा पांव पसार।
भीतर से जब बाहर आया भूल्या कोल करार।।
जन्म तेरी हो लियो रे

दूजा सोया गोद माता के सुख से जग में आय।
बहन भुआ बस लाड़ लड़ावे हो रहा मंगला चार।।
लाड़ तेरो हो लियो रे

तीजो सोयो त्रिया सेज पर गल में बहियां डार।
किया भोग-रोग से दुखिया तन गया बेकार।।
बिवाह तेरो हो लियो रे

चोथो सोयो जा समसाणा लम्बे पांव पसार।
कहत कबीर सुणो भाई साधो ऐ साये संसार।
मरण तेरो हो लियो रे

एक बेहतर और सफल जिंदगी के लिए हमारे नजरिये और सोच का सकारात्मक होना बेहद जरुरी है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही सुविचार बता रहे हैं जिन्हे पढ़कर आपके सोचने का नजरिया बदल जायेगा।

गीता की 151 चुनिंदा पंक्तियों का संकलन| आशा है की यह पंक्तियाँ आपने जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगी| जय श्री कृष्णा !

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