Tag: Tripti Shakya

आना श्री भगवान हमारे हरी कीर्तन में

आना श्री भगवान हमारे हरी कीर्तन में ||2|| आना सुन्दर श्याम हमारे हरी कीर्तन में ||2|| आना श्री भगवान हमारे हरी कीर्तन में……… ◾️ आप भी आना संग राधा जी को लाना ||2|| आके दरश दिखाना हमारे हरी कीर्तन आना श्री भगवान हमारे हरी कीर्तन में आना सुन्दर श्याम हमारे हरी कीर्तन में आना श्री

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले।। ◾️ मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी, प्रभु सदा मैं तेरे गुण गाउंगी, मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले, मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले, मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें, हर

प्रगटे हैं चारों भैया में, अवध में बाजे बधईया

प्रगटे हैं चारों भैया में, अवध में बाजे बधईया। जगमगा जगमग दियाला जलत है, झिलमिल होत अटरिया, अवध में बाजे बधईया॥ ◾️ कौन लुटावे हीरा मोती, कौन लुटावे रूपया, अवध में बाजे बधईया॥ ◾️ राजा लुटावे हीरा मोती, मैया लुटावे रूपया, अवध में बाजे बधईया॥ ◾️ झांझ मृदंग ताल डप बाजे, नाचत ता ता थैया,

आए हैं प्रभु श्री राम भरत फूले ना समाते हैं

आए हैं प्रभु श्री राम, भरत फूले ना समाते हैं। तन पुलकित मुख बोल ना आए, प्रभु पद कमल रहे हिए लाये। भूमि पड़े हैं भरत जी, उन्हें रघुनाथ उठाते हैं॥ प्रेम सहित निज हिय से लगाए, नैनो में तब जल भर आए। मिल के गले चारो भैया, ख़ुशी के आंसू बहाते हैं॥ नर नारी