Tag: Shri Krishna Bhajan

आज बृज में होरी रे रसिया। होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥

आज बृज में होरी रे रसिया। होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥ अपने अपने महलों से निकली, कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया। कौन गाँव के कुंवर कन्हैया, कौन गाँव राधा गोरी रे रसिया। नन्द गाँव के कुंवर कन्हैया, बरसाने की राधा गोरी रे रसिया। कौन वरण के कुंवर कन्हैया, कौन वरण राधा गोरी रे

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना मुझे इसका गम नहीं है, बदलेगा यूँ जमाना मेरी जिंदगी के मालिक, कहीं तुन बदल न जाना मुझे रास आ गया… तेरी बंदगी से पहले, मुझे कोण जनता था तेरी याद ने बना दी, मेरी जिंदगी फ़साना

श्री कृष्णा चालिसा – बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।

॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बा फल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पिताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ ॥चौपाई॥ जय यदुनन्दन जय जगवन्दन। जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नट-नागर नाग नथैया। कृष्ण

जब से तेरी मेरी मुलाकात हो गयी

जबसे तेरी मेरी मुलाकात हो गयी, सारे कहते है की करामात हो गयी। दुनिया दीवानी मेरे साथ हो गयी, सारे कहते है करामात हो गयी॥ ◾️ संवारे सलौने श्याम, झूम झूम गाऊ मैं तूने क्या किया है कैसे तुझको बताऊ मैं। खुशियों की जैसे बरसात हो गयी है, सारे कहते है की करामात हो गयी॥

तुमने बुलाया फिर मुझे लो आ गया प्रभु

तुमने बुलाया फिर मुझे लो आ गया प्रभु दर्शन दिए है आपने की है दया प्रभु ◾️ राहे थी बंद आपने रस्ते बना दिए सब इंतज़ाम कर दिए बाबा मेरे लिए करजाई फिर से आपका मैं हो गया प्रभु ◾️ चाहोगे जब भी तुम प्रभू आऊंगा मैं ज़रूर दर्शन को नैन बावरे कैसे रहेंगे दूर

ज़री की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला

ज़री की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ज़री की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ◾️ कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा, ज़ारी की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ज़ारी की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ◾️ कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा, कानो मेी कुंडल साजे सिर मोर मुकुट बिराजे, कानो मेी कुंडल

बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घने दिनों में आया

बता मेरे यार सुदामा रे भाई घने दिनों में आया ◾️ बालक था रे जब आया करता रोज़ खेल के जाया करता रे बालक था रे जब आया करता रोज़ खेल के जाया करता हुए के तकरार सुदामा रे भाई घने दिनों में आया बता मेरे यार सुदामा रे भाई घने दिनों में आया ◾️

दिल ले लिया है मेरा वो नंद के दुलारे

दिल ले लिया है मेरा वो नंद के दुलारे। पनिया भरन गई मैं जमुना नदी किनारे॥ ◾️ सर पर मुकुट जड़ा था, कानो कुंडल पड़ा था, पनघट निकट खड़ा था, कर प्रेम के इशारे। दिल ले लिया है मेरा वो नंद के दुलारे॥ ◾️ गल विच फूल माला, लोचन परम रसाला, कटी मेखला विशाला, तन

पत्थर की राधा प्यारी पत्थर के कृष्ण मुरारी

पत्थर की राधा प्यारी, पत्थर के कृष्ण मुरारी पत्थर से पत्थर घिस के पैदा होती चिंगारी पत्थर की नार अहिल्या, पग से श्री राम ने तारी पत्थर के मठ में बैठी, मैया हमारी ◾️ चौदह बरस वनवास में भेजा, राम लखन सीता को, पत्थर रख सीने दशरथ ने पुत्र जुदाई का भी पत्थर सहा देवकी

श्याम मोरे नैनन आगे रहियो

श्याम मोरे नैनन आगे रहियो कन्हैया मोरे नैनन आगे रहियो नाथ मोरे नैनन आगे रहियो कन्हैया मोरे नैनन आगे रहियो ◾️ हरिजी मोरे जय हो श्याम मोरे जय हो कन्हैया मोरे नैनन आगे रहियो ◾️ भव सागर में जीवन नैय्या कोई नहीं है मेरा खेवया अबकी बेर प्रभु डूब ना जाऊ तू मोहे पार लगैया