Tag: Shri Khatu Shyam Bhajan

सुमिरण करले मेरा मना बीती उम्र हरि नाम बिना।✓ Lyrics Verified 

टेर : सुमिरण करले मेरा मना बीती उम्र हरि नाम बिना। हस्ती दन्त बिना, पंछि पंख बिना, जिमि राहगीर है पथ बिना। वैश्या का पुत्र पिता बिन हिना, जिमि प्राणी हो प्राण बिना।। सुमिरण करले…… धेनु क्षीर नदियाँ नीर बिन, जैसे नारी पुरुष बिना। जैसे तरवर फल बिन सुना, जिमि धरती रहे मेघ बिना।। सुमिरण

श्री खाटू श्याम चालीसा – श्री गुरु चरण ध्यान धर,

॥दोहा॥ श्री गुरु चरण ध्यान धर, सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भजत हूँ, रच चैपाई छन्द॥ ॥चौपाई॥ श्याम श्याम भजि बारम्बारा, सहज ही हो भवसागर पारा। इन सम देव न दूजा कोई, दीन दयालु न दाता होई। भीमसुपुत्र अहिलवती जाया, कहीं भीम का पौत्र कहाया। यह सब कथा सही कल्पान्तर, तनिक न मानों इनमें अन्तर। बर्बरीक

दुनिया से मैं हारा हूँ, तक़दीर का मारा हूँ

दुनिया से मैं हारा हूँ तक़दीर का मारा हूँ …2 ◾️ जैसा भी हूँ अपना लो मैं बालक तुम्हारा हूँ ◾️ दुनिया से मैं हारा हूँ तक़दीर का मारा हूँ …2 ◾️ जैसा भी हूँ अपना लो मैं बालक तुम्हारा हूँ ◾️ दुनिया से मैं हारा हूँ तक़दीर का मारा हूँ …2

रिश्ता तू बनाले श्याम से

तेरे हर दुःख में तेरे हर दुःख में हर सुख में यही काम आएगा. रिश्ता तू बना ले श्याम से आराम पायेगा …2 रिश्ता तू बना ले श्याम से आराम पायेगा …2 ◾️ ये ऐसा सच्चा साथी हर दुःख में साथ निभाए इस जग में हार गया जो उसे बढ़ कर गले लगाए जब ठुकरा

जब से थामा है तूने सावरिया

जब से थामा है तूने सावरिया मेरा हाथ …2 खुद ही बन जाती मेरी …2 बिगड़ी हर बात ………… जब से थामा है तूने सावरिया मेरा हाथ …2 ◾️ हर गया था मैं तो मनमोहन पतझड़ सा बन गया था ये जीवन नज़र उठा के जब तूने देखा बदल गयी इस किस्मत की रेखा …2

मेरी जिंदगी में क्या था

मेरी जिंदगी में क्या था तेरी दया से पहले मैं बुझा हुआ दिया था तेरी दया से पहले……2 मेरी जिंदगी में क्या था…… ◾️ मेरी जिंदगी थी खाली जैसे शीप खाली होती मेरी बढ़ गयी है कीमत तूने भर दिए है मोती……2 मेरी कुछ नहीं थी कीमत…2 तेरी दया से पहले मैं बुझा हुआ दिया

कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है

कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है थाने कोल निभानो है कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है कीर्तन की है रात बाबा ◾️ आज थाने आनो है दरबार सावरिया ऐसो साजो प्यारो दयालु आपको सेवा में सावरिया सगळा खड़ा दिखे हुकम

कण कण में वास है जिसका

कण कण में वास है जिसका तिहु लोक में राज है उसका ….2 हारे का साथ निभाए प्रेमी को गले लगाए ………2 ऐसा तो हमारा बाबा है बाबा तो हमारा है …..2 कण कण में वास है जिसका तिहु लोक में राज है उसका ….2 हारे का साथ निभाए प्रेमी को गले लगाए ………2 ऐसा

माना मुश्किल बहुत बड़ी पर डरने की क्या बात है

माना मुश्किल बहुत बड़ी पर डरने की क्या बात है ….2 ◾️ लेके हाथ में मोर छड़ी जब बाबा अपने साथ है …..2 माना मुश्किल बहुत बड़ी पर डरने की क्या बात है ….2 लेके हाथ में मोर छड़ी जब बाबा अपने साथ है …..2 ◾️ माना रात अँधेरी है लेकिन ये भी काट जाएगी

जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है

जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है। क्यों भटकूँ गैरों के दर पे तेरा दरबार काफी है॥ ◾️ नहीं चाहिए ये दुनियां के निराले रंग ढंग मुझको, निराले रंग ढंग मुझको चली जाऊँ मैं वृंदावन चली जाऊँ मैं वृंदावन तेरा श्रृंगार काफी है जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है ◾️