Tag: Shri Ganesh Ji Bhajan

गौरा जी के लाडले,गणपति बप्पा मोरेया।

दोहा : गौरा जी के लाडले, तुम सबके आधार। प्रथम मनावें आपको, तो हो जाये बेड़ा पार।। तेनुं पूज रहे मिल सारे, गणपति बप्पा मोरेया। तेरा जग विच चानण सारे, गणपति बप्पा मोरेया।। आदि गणेश, ब्रम्हा, विष्णु मनावें शिव शंकर वी तेरा यश गावें मैया गौरा दी अखाँ दे तारे। – गणपति बप्पा मोरेया.. गुणीजन,

गणपति राखो मेरी लाज, पूरन कीजे सारे काज-२

गणपति राखो मेरी लाज-२ पूरन कीजे सारे काज-२ सदा रहे खुशहाल, गणपति लाल, जो प्रथमें तुम्हें मनावे। रिद्धि सिद्धि के दाता, भाग्य विधाता, वो सब तुमसे पा जावे। विनती सुन लियो मेरी आज, पुराण कीजै सारे काज। गणपति रखो मेरी लाज, पूरन कीजै सारे काज। मुर्ख को दे ग्यान, सभा में मान निर्बल भी बल

गणपति को प्रथम मनाने की, देवों ने रीत चलाई है।

गणपति को प्रथम मनाने की, देवों ने रीत चलाई है। तीनों लोको में छोटे-बड़े, सब करते इनकी बड़ाई है।। जो काम सभी करते आये, हमको भी वही दोहराना है। गणपति को प्रथम मनाना है…. कोई घृत सिंदूर चढ़ाते हैं, कोई लड्डूवन भोग लगते हैँ।। कोई मेवा थाल सजाते है, कोई छ्प्पन भोग बनाते है।। जिस

रुनक झुनक पग नेवर बाजे गजानंद नाचे

रुनक झुनक पग नेवर बाजे गजानंद नाचे गजानंद नाचे विनायक, गणपतजी नाचे पिता तुम्हारा है शिवशंकर नंदीश्वर साजे माता तुम्हारी पार्वती है सिंह चढ़ी गाजे रुनक झुनक पग नेवर बाजे… मुसक वाहन सूण्ड सुन्डाला, एकदंत साजे गल पुष्पन के हार विराजे, कोटि काम लाजे रुनक झुनक पग नेवर बाजे… विध्न विनाशक मंगल कारण, राजनपति बाजे

श्री गणेश चालीसा – ॥दोहा॥ जय गणपति सद्गुण सदन,

॥दोहा॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ ॥चौपाई॥ जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभः काजू॥ जै गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायका बुद्धि विधाता॥ वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥ राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥ पुस्तक

हे गणपति बलकारी जी

गणपत बलकारी जी फ़तेह म्हरी आज करो, रिद्ध सिद्ध के दाता जी फ़तेह म्हरी आज करो, आज करो महाराज ओह दाता मेरे, आज करो महाराज गणपत बल्कारी जी फ़तेह म्हरी आज करो, रीढ़ सीध के दाता जी फ़तेह म्हरी आज करो, गणपत बलकारी जी फ़तेह म्हरी आज करो, रिद्ध सिद्ध के दाता जी फ़तेह म्हरी

हे गजानन आपकी दरकार है

हे गजानन आपकी दरकार है, श्याम प्यारे का सजा दरबार है, श्याम प्यारे का सजा दरबार है, हे गजानन आपकी दरकार है।। शुभ घडी आई सुहानी आइये, रिद्धि सिद्धि साथ अपने लाइये, आपकी महिमा तो अपरम्पार है, श्याम प्यारे का सजा दरबार है, हे गजानन आपकी दरकार है।। सबसे पहले आपकी सेवा करे, चरणों में

हुई गलियों में जय जयकार आया गणपति

हुई गलियों में जय जयकार, आया गणपति तेरा त्यौहार।। नाची मन में उमंग, भरा खुशियों ने रंग, नाची मन में उमंग, भरा खुशियों ने रंग, गूंजी गणपति तेरी जयकार, आया गणपति तेरा त्यौहार, हुई गलियों में जय जयकार, आया गणपति तेरा त्यौहार।। ऊँचा आसान सजाएं, तुम्हे घर में बिठाएं, ऊँचा आसान सजाएं, तुम्हे घर में

हम नैन बिछाए है हे गणपति आ जाओ

हम नैन बिछाए है, हे गणपति आ जाओ।। गणपति तुम हो बड़े दयालु, किरपा कर दो हे किरपालु, हर सांस बुलाए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ।। पाप की गठरी सर पे भारी, हम को है बस आस तुम्हारी, बड़ा मन घबराए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन

सबसे पहले तुम्हे मनाऊँ गौरी सूत महाराज

सबसे पहले तुम्हे मनाऊँ, गौरी सूत महाराज, तुम हो देवों के सरताज। दूंद दुँदाला सूँड़ सुन्डाला, मस्तक मोटा कान, तुम हो देवों के सरताज। – श्लोक – प्रथमे गौरा जी को वंदना, द्वितीये आदि गणेश, त्रितिये सीमरु शारदा, मेरे कण्ठ करो प्रवेश॥ सबसे पहले तुम्हे मनाऊँ, गौरी सूत महाराज, तुम हो देवों के सरताज। दूंद