Tag: Shiv Ji Bhajan

हे भोले शंकर पधारो बैठे छुप के कहाँ।

हे भोले शंकर पधारो, बैठे छुप के कहाँ, हे भोले शम्भू पधारो, बैठे छुप के कहाँ, गंगा जटा में तुम्हारी, हम प्यासे यहाँ, महा-सती के पति, मेरी सुनो वंदना, आओ मुक्ति के दाता, पड़ा संकट यहाँ, हे भोले शंकर पधारो बैठे छुप के कहाँ॥ ◾️भगीरथ को गंगा, प्रभु तुमने दी थी, सगर जी के पुत्रों

गले में सर्पों की माला तन में बाघम्बर छाला।

गले में सर्पो की माला, तन में बाघम्बर छाला, देवो में देव महान, बैठे लगा के बाबा ध्यान, डम डम डमरू बाजे, हाथो में त्रिशूल साजे, पिए भोला भंग तान, करते है जग का कल्याण॥ ◾️प्राणी जो जग से हारे, आते है इनके द्वारे, मिलता है पावन दर्शन, होते है वारे न्यारे, बम बम की

भक्तों की भीड़ है अपार भोले जी के मंदिर में।

भक्तो की भीड़ है अपार, भोले जी के मंदिर में॥ ◾️भोले जी के मंदिर में, शंकर जी के मंदिर में, गूंजे सदा जयकार, भोले जी के मंदिर में॥ ◾️ढोलक नगाड़े और मिरदंग बाजे, झांझर की होये झनकार, भोले जी के मंदिर में॥ ◾️लेके कांवरिया बम बम बोले, नाच रहे नर नार, भोले जी के मंदिर

मिलता हैं सच्चा सुख केवल शिवजी तुम्हारे चरणों में।

मिलता हैं सच्चा सुख केवल, शिवजी तुम्हारे चरणों में, यह विनती हैं पल छीन छीन की, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।। ◾️चाहे बैरी सब संसार बने चाहे जीवन मुझ पर भार बने चाहे मौत गले का हार बने रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में मिलता हैं सच्चा सुख केवल शिवजी तुम्हारे चरणों में यह विनती हैं

मैं तो दीवाना भोले का दीवाना।

मैं तो दीवाना भोले का दीवाना, फिरता था एक पागल सड़को पे मारा मारा, फिरता था एक पागल सड़को पे मारा मारा, रहता था अलग सबसे दुनिया से कर किनारा, रहता था अलग सबसे दुनिया से कर किनारा, एक गोल काला पत्थर रखता था संग हरदम, एक गोल काला पत्थर रखता था संग हरदम, सर

शिव की नजरो में वो स्मार्ट है।

शिव की नजरो में वो स्मार्ट है, श्लोक – याद क्यूँ करता नहीं ऐ बावरे मन में, राम थे भगवान दुःख लाखो सहे वन में, टल नहीं सकता वो होगा जो भी है होना, बस मुस्कुराले चार पल छोड़ दे ये रोना॥ ◾️सुख दुःख इस जीवन के दो पार्ट है, माना दुःख लम्बे और सुख

सुबह सुबह ले शिव का नाम कर ले बन्दे यह शुभ काम।

सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम, सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम॥ ◾️ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय खुद को राख लपेटे फिरते, औरो को देते धन धाम, देवो के हित विष पी डाला, नील कंठ को कोटि प्रणाम, नील कंठ को कोटि प्रणाम, सुबह-सुबह

कैलाशपति संग लेके सती मेरी नैया पार लगा जाना।

कैलाशपति संग लेके सती, मेरी नैया पार लगा जाना, इतनी विनती है ब्रम्ह्जति, गलती को मति तुम चित लाना॥ ◾️तुम ही हो पिता तुम ही माता, मै हूँ आचक तुम हो दाता, सेवक स्वामी का ये नाता, मेरे दाता आज निभा जाना, कैलाशपति संग लेके सती, मेरी नैया पार लगा जाना, इतनी विनती है ब्रम्ह्जति,

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों।

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो, जय हो भोले नाथ जय हो शिव शम्भू श्लोक लिया नाम जिसने भी शिवजी का मन से, उसे भोले शंकर ने अपना बनाया, खुले उस पे सब द्वार शिव की दया के, जो श्रद्धा से भोले के मंदिर में आया॥ ◾️हर हर महादेव की जय हो, शंकर शिव

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम।

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम, आप हो अखंड मंडलाकार मंगलम, विश्वाधार मंगलम॥ ◾️सौराष्ट्र श्री सोमनाथ मंगलम, वंदन हो श्रष्टि, सम्राट मंगलम, महानाथ मंगलम॥ ◾️ॐ नमो नागेश्वराय मंगलम, मंगल कर माहेश्वराय मंगलम, मल्लिकार्जुन महाराज मंगलम, सब ना करछु काज मंगलम, योगिराज मंगलम॥ ◾️ॐ महाकालेश्वर नाथ मंगलम, हर हर महादेव उमानाथ मंगलम, नमो महामम्लेश्वर नाथ मंगलम, परम पुनीत