Tag: Shiv Ji Bhajan

भजले मन मेरा शंकर दीनदयाल । शीश ऊपर बहती,✓ Lyrics Verified 

टेर : भजले मन मेरा शंकर दीनदयाल । शीश ऊपर बहती, जिनके गंगाजी की धार है,मारती हिलोरे नर, नैया बेडा पार है गले बीच शेष सोहे, सर्पों का हर है भस्मी रमावे शिव, गले मुंड माल है डमरू बजावे भोला, बैल पर असवार है बाएं अंग पार्वती शोभा, अपमम्पार है। सच्चा तो सुनता सवाल क्रोध

एक दिन वो भोला भंडारी बनकर के बृज नारी

टेर : एक दिन वो भोले भंडारी बनकर के बृज नारी,गोकुल में आ गए है पार्वती जी मना के हारी न माने त्रिपुरारी गोकुल में आ गए है। पार्वती से बोले भोले में भी चलूँगा तेरे संग में,राधा संग श्याम नाचे मैं भी नाचूँगा तेरे संग में रास रचेगा बृज में भारी मुझे दिखाओ प्यारी।एक

भज शंकर दीन दयाल कटे भव जाल✓ Lyrics Verified 

टेर : भज शंकर दीन दयाल कटे भव जाल कटे चौरासी शंकर काशी के बासी। शंकर….. मस्तक पे चंद्र बिराजे दर्शन से पातक भाजे, श्री नीलकंठ भगवन नाम अविनाशी। शंकर….. तेरी जटा में गंगा की धारा काटे पाप जगत का सारा हो सुमिरन से कल्याण कटे यम फांसी। शंकर….. जब पिले भांग का प्याला फिर

लेके गौरा जी को साथ भोले भाले भोलेनाथ,✓ Lyrics Verified 

टेर : लेके गौरा जी को साथ भोले भाले भोले नाथ, काशी नगरी से आया है शिवशंकर। नंदी पर सवार होके, डमरू बजाते, चले आ रहे है, भोले माया रचाते, पहरे नर मुंडो की माल, पहरे ऊपर से मृग छाल। काशी नगरी….. हाथ में त्रिशूल लिये, भस्मी रमाये, झोली गले में डालें, गोकुल में आये,

बम भोले,यही वो तंत्र है, यही वो मन्त्र है

बम भोले, बम भोले, बम बम बम यही वो तंत्र है, यही वो मन्त्र है प्रेम से जपोगे तो मिटेंगे सारे गम – बम भोले…. कभी योगी कभी भोगी, कभी बाल ब्रह्मचारी कभी आदि देव, महादेव, त्रिपुरारी कभी शंकर, कभी शम्भू , कभी भोले भंडारी नाम अनंत तोरे जग बिलहारी शिव का नाम लो, सुबह

तेरा पल पल बीता जाए, तूँ जपले ॐ नमः शिवाय – २

तेरा पल पल बीता जाए, तूँ जपले ॐ नमः शिवाय – २ शिव शिव तुम हृदय से बोलो, मन मंदिर का परदा खोलो। अवसर खाली ना जाए, तूँ जपले…. यह दुनिया पंछी का मेला, समझो उड़ जाना है अकेला। तेरा तन यह साथ न जाय, तूँ जपले…. मुसाफिरी जब पूरी होगी, चलने की मजबूरी होगी।

ये हैं शंकर भोले, भाले दर्शन करलो जी।दर्शन करलो, झोली भरलो,

ये हैं शंकर भोले, भाले दर्शन करलो जी। दर्शन करलो, झोली भरलो, पर उतरलो जी। भोला भाला नाम धरा, पर सब जग से न्यारा है। जटा में गंगा सोहे हैं, मस्तक चन्द उजियारा है। ये हैं सब जग के रखवाले, दर्शन करलो जी।।1।। आक धतूरा कहते हैं तन पे रख रमाते हैं। एक हाथ त्रिशूल

थारा डम डम डमरू बाजे रे, बाजे रे,

थारा डम डम डमरू बाजे रे, बाजे रे, शिव शंकर कैलाश पति संग गौरां नाचे रे। शंकर नाचे गौरां नाचे नाच रहे गणराई। नंदीगण सुर ताल दे रहे ढोलक झांझ बजाई।।1।। कैलाशी काशी के वासी, अजर अमर अविनाशी। भक्तां का दुख फिरे बांटता, कटे यम की फांसी।।2।। महल अटारी जग ने बांटया, आप बन्या बनवासी।

जब से देखा तुम्हे जाने क्या हो गया ए भोलेनाथ बाबा मैं तेरा हो गया

जब से देखा तुम्हे, जाने क्या हो गया, ए भोलेनाथ बाबा मैं तेरा हो गया । तू दाता है तेरा, पुजारी हूँ मैं, तेरे दर का बाबा, भिखारी हूँ मैं ।-2 तेरी चौखट पे दिल, ये मेरा खो गया, ए भोलेनाथ बाबा मैं तेरा हो गया ॥-4 जब से मुझको तेरी, भोले भक्ति मिली, मेरे

फरियाद मेरी सुनके भोलेनाथ चले आना।

फरियाद मेरी सुनके, भोले नाथ चले आना, नित ध्यान धरूँ तेरा, चरणों में जगह देना, फरियाद मेरी सुनके, भोले-नाथ चले आना।। ◾️तुझे अपना समझकर हम, फरियाद सुनाते है, तेरे दर पे आकर हम, नित अलख जगाते है, क्यूँ भूल गये भगवन, हमें समझ के बेगाना, फरियाद मेरी सूनके, भोले-नाथ चले आना।। ◾️मेरी नाव भंवर डोले,