दोहा: माता जिनको याद करे, वो लोग निराले होते हैं। माता जिनका नाम पुकारे, किस्मत वाले होतें हैं। चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है। ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है। – चलो बुलावा…. सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का, रास्ता देख रही है माता, अपने आंख