Tag: Lata Mangeshkar

तुज मागतो मी अता

तुज मागतो मी अता… मागतो आता, तुज मागतो मी अता, मागतो आता माझ्या द्यावे एकदन्ता … तुज मागतो मी अता.. तुझे थाई माझी भक्ति विरुथवी गणपति … तुझे थाई ज्याची प्रीती त्याची घडवी संगती .. संगती त्याची घडवी संगती धरणी धरा ऐसे द्यावे .. सर्व भूति लीन व्हावे तुझे शरण शरण शरण आलो पतित में

गणपति विघ्न विनाशन हरे

जय जय गणपति जय गणपति जय गणेश जय गणपति जय जय जय गणेश जय गणपति जय जय जय गणेश जय गणपति जय जय जय गणेश जय गणपति जय जय गणपति विघ्न विनाशन हरे गणपति विघ्न विनाशन हरे गणपति विघ्न विनाशन हरे गणपति विघ्न विनाशन हरे जय जय गणपति जय गणपति जय गणेश जय गणपति जय

आओ मेरे कान्हा चलें रास रचाने

आओ मेरे कान्हा चलें रास रचाने रास रचाने चलें बनके दीवाने ..2 ◾️ जब नृत्य करे बगियन में मेरे प्यारे मोहना नहीं फूली समाउ मन में मेरे प्यारे कान्हा मन नहीं लागे मेरा तेरे बिना रे रस्ता निहारु तेरा जमुना किनारे ..2 बहता निर्मल पानी मेरी प्यारी राधिका तेरी मीठी लागे वाणी मेरी प्यारी राधिका

बड़ा नटखट है रे कृष्ण-कन्हैयाLyrics Verified 

बड़ा नटखट है रे कृष्ण-कन्हैया का करे यशोदा मैय्या, हाँ बड़ा नटखट है रे……2x ढूँढे री अंखियाँ उसे चारों ओर, जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर…2x उड़ गया ऐसे जैसे पुरवय्या, का करे यशोदा मैय्या, हाँ बड़ा नटखट है रे….2x आ तोहे मै गले से लगा लूँ, लागे ना किसी की नज़र मन मे छुपा लूँ…2x

राम भजन कर मन, ओ मन रे कर तू राम भजन।

राम भजन कर मन, ओ मन रे कर तू राम भजन। ◾️ सब में राम, राम में है सब, तुलसी के प्रभु, नानक के रब्ब। राम रमईया घट घट वासी, सत्य कबीर बचन॥ ◾️ राम नाम में पावत पावन, रवि तेज्योमय चन्द्र सुधा धन। राम भजन बिन ज्योति ना जागे, जाए ना जीय की जरन॥

राम का गुणगान करिये, राम का गुणगान करिये।

राम का गुणगान करिये, राम का गुणगान करिये। राम प्रभु की भद्रता का, सभ्यता का ध्यान धरिये॥ ◾️ राम के गुण गुणचिरंतन, राम गुण सुमिरन रतन धन। मनुजता को कर विभूषित, मनुज को धनवान करिये, ध्यान धरिये॥ ◾️ सगुण ब्रह्म स्वरुप सुन्दर, सुजन रंजन रूप सुखकर। राम आत्माराम, आत्माराम का सम्मान करिये, ध्यान धरिये॥

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु। कृपा कर अपनायो॥ जन्म जन्म की पूंजी पाई। जग में सबी खुमायो॥ खर्च ना खूटे, चोर ना लूटे। दिन दिन बढ़त सवायो॥ सत की नाव खेवटिया सतगुरु। भवसागर तरवयो॥ मीरा के प्रभु गिरिधर नगर। हर्ष हर्ष जस गायो॥

तुम आशा विश्वास हमारे। तुम धरती आकाश हमारे॥

तुम आशा विश्वास हमारे। तुम धरती आकाश हमारे॥ तात मात तुम, बंधू भ्रात हो, दिवस रात्रि संध्या प्रभात हो। दीपक सूर्य चद्र तारक में, रामा, तुम ही ज्योति प्रकाश हमारे॥ साँसों में तुम आते जाते, एक तुम्ही से हैं सब नाते। जीवन वन के हर पतझर के, एक तिम्ही मधुमास हमारे॥ तुम्ही ही सब में,

कलियों मे राम मेरा किरणो मे राम है, धरती गगन मे

दोहा: पूजा जप ताप मैं नहीं जानू, मै नहीं जानू आरती। राम रतन धन पाकर के मै प्रभु का नाम पुकारती॥ कलिओं मे राम मेरा, किरणों मे राम है। धरती गगन मे मेरे प्रभु का धाम है॥ कहाँ नहीं राम है… प्रभु ही की धूप छाया, प्रभु की ही चांदनी। लहरों की वीना मे है

ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम

ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम नेकी पर चले और बदी से टले, ताकी हसते हुये निकले दम ऐ मालिक तेरे बंदे हम बड़ा कमजोर है आदमी, अभी लाखों हैं इस में कमी पर तू जो खड़ा, है दयालू बड़ा, तेरी किरपा से धरती थमी दिया तूने हमें जब जनम, तू ही