Tag: Anuradha Paudhwal

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।। जय गणेश ।। एकदन्त दयावन्त चार भुजा धारी। माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी।। जय गणेश ।। पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे सन्त करे सेवा।। जय गणेश ।। अँधे को आँख देत कोढ़िन को काया बाँझन

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे || ॐ जय || जो ध्यावे फल पावे, दुःखबिनसे मन का, स्वामी दुःखबिन से मन का, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का || ॐ जय || मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी,

प्रथम तुला वंदितो

प्रथम तुला वंदितो कृपाला गजानना, गणराया………4 प्रथम तुला वंदितो………… विघ्न विनाशक, गुणीजन पालक……2 दुरित तिमिर हरका……2 सुखकारक तू, दुक्खा विदारक……2 तूच तुज़्य सारखा……2 वकक्रतुण्डा ब्रम्हांड नयका……2 विनायका प्रभुराय……2 प्रथम तुला वंदितो कृपाला गजानना, गणराया ………4 प्रथम तुला वंदितो ………… सिद्धि विनायक, तूच अनंता……2 शिवात्मजा मंगला……2 सिंदूर वेदना, विद्याधीशा……2 गणाधिप वत्सला………2 तूच ईश्वर सहाय करावे ………2

गणपति राखो मेरी लाज पुरण कीजो

गणपति रखो मेरी लाज पुराण कीजो मेरे काज गणपति रखो मेरी लाज पुराण कीजो मेरे काज तू भक्तो का प्यारा है सबका पालन हार है सुख दयाक भाये हरी तू करता मूषक सवारी तू तू ही विघ्न विनाशक है दीं जानो का रक्षक है तेरा ही हम नाम जापे तुझको हम प्रणाम करे सदा रहे

आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी।

आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी, ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी। हे मैया हे मैया, सदा हो तेरी जय मैया, मन की मुरादे मैं पाऊँगी, आज अष्टमी की पूजा करवाऊँगी, ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी।। ◾️छोटी छोटी कंजको को, घर अपने बुलाऊंगी, चरण धुलाऊं, तिलक लगाऊं, चुनरी लाल उढ़ाऊंगी, हे मैया हे मैया, पार

ॐ जय गौरी नंदा प्रभु जय गौरी नंदा

ॐ जय गौरी नंदा, प्रभु जय गौरी नंदा, गणपति आनंद कंदा, गणपति आनंद कंदा, मैं चरणन वंदा, ॐ जय गौरी नंदा।। ◾️ सूंड सूंडालो नयन विशालो, कुण्डल झलकंता, प्रभु कुण्डल झलकंता, कुमकुम केसर चन्दन, कुमकुम केसर चन्दन, सिंदूर बदन वंदा, ॐ जय गौरी नंदा।। ॐ जय गौरी नंदा, प्रभु जय गौरी नंदा, गणपति आनंद कंदा,

मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा।

​मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा, – श्लोक – ​सत्य है ईश्वर शिव है जीवन, सुन्दर ये संसार है तीनों लोक है, तुझमे तेरी माया अपरम्पार है।।  ओम नमः शिवाय नमो, ओम नमः शिवाय नमो, मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा, बोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरम, मन मेरे

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ।

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥ ◾️भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो। हर हर महादेव शिव शम्भू। हर हर महादेव शिव शम्भू॥ ◾️डमरू वाला हे जग मे दयालु बड़ा, दीन दुखियौ का दाता जगत का पिता, सबपे करता है

आओ महिमा गाएं भोलेनाथ की।

आओ महिमा गाए भोले नाथ की भक्ति में खो जाए भोले नाथ की॥॥ भोले नाथ की जय, शम्भू नाथ की जय। गौरी नाथ की जय, दीना नाथ की जय। ◾️मुख पर तेज है, अंग भभूती गले सर्प की माला, माथे चन्द्रमा, जटा में गंगा शिव का रूप निराला अन्तर्यामी, सबका स्वामी भक्तो का रखवाला तीन लोको में

भोली भाली राधा चतुर गोपाल

भोली भाली राधा चतुर गोपाल भोली भाली राधा चतुर गोपाल दोनों भक्तन के प्रतिपाल दोनों भक्तन के प्रतिपाल भोली भाली राधा चतुर गोपाल भोली भाली राधा चतुर गोपाल दोनों भक्तन के प्रतिपाल …2 ◾️ राधा रानी गोरी साँवरो गोपाल राधा रानी गोरी साँवरो गोपाल दीनन के तुम दीं दयाल भोली भाली राधा चतुर गोपाल भोली