Tag: Anup Jalota

सीताराम कहिये। जाहि विधि राखे राम

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये। जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।। मुख में हो राम-नाम राम सेवा हाथ में। तू अकेला नहीं प्यारे राम तेरे साथ में।। विधि का विधान जान हानि-लाभ सहिये। जाहि विधि…… किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा। होगा प्यारे वही जो श्रीरामजी को भायेगा।। फल आशा त्याग शुभ कर्म करते

मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो।Lyrics Verified 

मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो। कहत सुनत में आकर काहे झूठा दोष लगायो, री मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो। यमुना के तट पर ग्वाल बन संग चार सहार मैं खेला गैइया चरावत बंसी बजावत साँझ की बेला भूक लगी तो दौड़त दौड़त सीधा मैं घर आयो मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो…… न

मत कर तू अभिमान रे बंदे

मत कर तू अभिमान रे बंदे, झूठी तेरी शान रे। मत कर तू अभिमान॥ ◾️ तेरे जैसे लाखों आये, लाखों इस माटी ने खाए। रहा ना नाम निशान रे बंदे, मत कर तू अभिमान॥ ◾️ माया का अन्धकार निराला, बाहर उजला अन्दर काला। इस को तू पहचान रे बंदे, मत कर तू अभिमान॥ ◾️ तेरे

राधा के बिना श्याम आधा

श्याम राधे कोई ना कहता, कहते राधे श्याम जन्म जन्म भाग्य जगा दे एक राधा का नाम राधा के बिना श्याम आधा, कहते राधे श्याम बोलो राधे राधे राधे बोलो राधे ◾️ व्यर्थ पड़ा माला बिन मोती, व्यर्थ रही दीपक बिन ज्योति चंदा बिना चाँदनी जैसी, सूरज बिना धूप ना होती बिना राधा के कहा

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।। ◾️ ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के, महलों मे राखे चाहे झोंपड़ी मे वास दे, धन्यवाद निर्विवाद राम राम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।। ◾️ किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा, होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा,

मन शिव में ऐसे रमा है ये भूल गए हम कहाँ है।

मन शिव में ऐसे रमा है। ये भूल गए हम कहा है, सारा जग शिव मय दिखता है, अम्बर शिव धरती उमा है, मन शिव में ऐसे रमा है॥ ◾️जब ध्यान में आते है शिव जी, मुझे अद्भुत शांति मिलती है, में दिखला नही सकता जग को, जो मन में ज्योति जलती है, जब भूल

राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा

दोहा: राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण। कभी तो दीन दयाल के भनक पड़ेगी कान॥ ◾️ राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा। राम ही तारे राम उभरे, राम नाम दोहराए जा॥ ◾️ सुबह यहाँ तो श्याम वहां है, राम बिना आराम कहाँ है। राम रमैया गाये जा, प्रभु से

भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं, कपि से उरिन हम नाहीं

भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं कपि से उरिन हम नाहीं भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं ◾️ सौ योजन, मर्याद समुद्र की ये कूदी गयो छन माहीं लंका जारी,सिया सुधि लायो पर गर्व नहीं मन माहीं कपि से उरिन हम नाहीं भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं ◾️ शक्तिबाण, लग्यो लछमन

प्रेम मुदित मन से कहो राम राम राम

प्रेम मुदित मन से कहो राम राम राम, राम राम राम, श्री राम राम राम। पाप कटें दुःख मिटें लेत राम नाम। भव समुद्र सुखद नाव एक राम नाम॥ ◾️ परम शांति सुख निधान नित्य राम नाम। निराधार को आधार एक राम नाम॥ ◾️ संत हृदय सदा बसत एक राम नाम। परम गोप्य परम इष्ट

तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी

प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी जाकी अंग-अंग बास समानी (इस भजन में भक्त ने भगवान के साथ ऐसे सुन्दर-सुन्दर सम्बन्ध जोड़े है की, न तो भक्त भगवान से दूर रह सकते है, और ना ही भगवान भक्त से दूर रह सकते है।) ◾️ प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा जैसे चितवत चंद चकोरा