मुझे अपनी शरण में लेलो राम -२ लोचन मन में जगह न हो तो

मुझे अपनी शरण में लेलो राम -२
लोचन मन में जगह न हो तो
युगल चरण में लेलो राम, मुझे…
जीवन देके जाल बिछाया
रच के माया नाच नचाया
चिंता मेरी तभी मिटेगी -२
जग चिंतन लेलो राम, मुझे…
तुमने लाखों पापी तारे
मेरी बरी बजी हारे
मेरे पास न पुण्य की पूंजी -२
पद पूजन में ले लो राम, मुझे…
धर-धर अटकूं, दर-दर भटकूं
कहाँ-कहाँ अपना सर पटकूं
इस जीवन में मिलो न तुम तो
मुझे चरण ले जो राम, मुझे…

एक बेहतर और सफल जिंदगी के लिए हमारे नजरिये और सोच का सकारात्मक होना बेहद जरुरी है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही सुविचार बता रहे हैं जिन्हे पढ़कर आपके सोचने का नजरिया बदल जायेगा।

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