आए हैं प्रभु श्री राम भरत फूले ना समाते हैं

आए हैं प्रभु श्री राम,
भरत फूले ना समाते हैं।

तन पुलकित मुख बोल ना आए,
प्रभु पद कमल रहे हिए लाये।
भूमि पड़े हैं भरत जी,
उन्हें रघुनाथ उठाते हैं॥

प्रेम सहित निज हिय से लगाए,
नैनो में तब जल भर आए।
मिल के गले चारो भैया,
ख़ुशी के आंसू बहाते हैं॥

नर नारी सब मंगल गावे,
नव से सुमन देव बरसावे।
भक्त सभी जन मिल के,
अवध में दीपक जलाते हैं॥

गीता की 151 चुनिंदा पंक्तियों का संकलन| आशा है की यह पंक्तियाँ आपने जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगी| जय श्री कृष्णा !

एक बेहतर और सफल जिंदगी के लिए हमारे नजरिये और सोच का सकारात्मक होना बेहद जरुरी है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही सुविचार बता रहे हैं जिन्हे पढ़कर आपके सोचने का नजरिया बदल जायेगा।

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