माँ अंजनी के लाल सुनले ना मेरी पुकार॥

माँ अंजनी के लाल, सुनले ना मेरी पुकार माँ अंजनी के लाल, सुनले ना मेरी पुकार हो जायेँ भव से पार हम पे कृपा जो तेरी हो॥ माँ अंजनी के…॥ ◾️दरबार तेरा पावन, लगती है शोभा प्यारी। महिमा तेरी है निराली जाने दुनिया सारी। तेरी भक्ति से, तेरी शक्ति से मिट जाते सब जंजाल॥१॥ माँ

मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी कष्ट तेरा सगळा कट जायसी

मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी कष्ट तेरा सगळा कट जायसी सच्चे मन से तू देख बुलाय सी बजरंग बेड़ो पार लगाय सी बाबो बेड़ो पार लगाय सी मनड़ा रे जेतू बालाजी ने ध्याय सी।। ◾️सालासर रो बाबो सदा सुख बरसावे सँवर जावे बिगड़ी शरण जो आ जावे दुलारो अंजनी को भगता को

प्रेम मुदित मन से कहो राम राम राम

प्रेम मुदित मन से कहो राम राम राम, राम राम राम, श्री राम राम राम। पाप कटें दुःख मिटें लेत राम नाम। भव समुद्र सुखद नाव एक राम नाम॥ ◾️ परम शांति सुख निधान नित्य राम नाम। निराधार को आधार एक राम नाम॥ ◾️ संत हृदय सदा बसत एक राम नाम। परम गोप्य परम इष्ट

बोल राम राम खुश होंगे हनुमान रे पल में बनाएंगे तेरे बिगड़े काम रे।

बोल राम राम, खुश होंगे हनुमान रे, पल में बनाएंगे, तेरे बिगड़े काम रे, तेरे बिगड़े काम रे।। ◾️राम जी के भजन, हनुमान जी को भाए, हनुमान जी को भाए, नाम राम का सुनके, दौड़े दौड़े वो आए, रटते यही नाम, सुबह शाम आठो याम रे, पल में बनाएंगे, तेरे बिगड़े काम रे, तेरे बिगड़े

मुझमे राम तुझमे राम सबमे राम समाया

गली गली ढूंढा, वन वन ढूंढा, कहा कहा ढूंढा राम, सब जग ढूंढा मैंने, मन नहीं ढूंढा, जहा मिला मेरा राम। मुझमे राम तुझमे राम सबमे राम समाया, सबसे करलो प्रेम यहां कोई नहीं पराया, यहां कोई नहीं पराया। ◾️ एक बाग़ के फूल हैं सारे,एक हार के मोती, जितने हैं संसार में प्राणी,सबमे एक

तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी

प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी जाकी अंग-अंग बास समानी (इस भजन में भक्त ने भगवान के साथ ऐसे सुन्दर-सुन्दर सम्बन्ध जोड़े है की, न तो भक्त भगवान से दूर रह सकते है, और ना ही भगवान भक्त से दूर रह सकते है।) ◾️ प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा जैसे चितवत चंद चकोरा

बिगड़े हरेक काम को उसने बना लिया जिसने भी हनुमान को मन से मना लिया।।

बिगड़े हरेक काम को उसने बना लिया जिसने भी हनुमान को मन से मना लिया।। ◾️अंजनी माँ के लाल की महिमा महान है महिमा महान है कलयुग में पूजे आपको सारा जहान है सारा जहान है एक बार जिसने शीश को एक बार जिसने शीश को दर पे झुका लिया जिसने भी हनुमान को मन

बिगड़ी मेरी बना हनुमान मैँ शरण मेँ तेरी आ गया।

बिगड़ी मेरी बना हनुमान, बिगड़ी, मेरी बनादे, बिगड़ी… बिगड़ी मेरी बना हनुमान मैँ शरण मेँ तेरी आ गया। तेरी सुनके महिमा अपार मैँ शरण मेँ तेरी आ गया। सुनके, महिमा तेरी, सुनके… ◾️बिगड़ी मेरी बना…॥ लाया हूँ मैँ, दिल मेँ अपने, लगा के लगन तेरे दर्शन की, आँखोँ मेँ आँसू हैँ, भेँट मेरे पास ये

मिलता है सच्चा सुख केवल, प्रभु राम तुम्हारे चरणों में

मिलता है सच्चा सुख केवल, प्रभु राम तुम्हारे चरणों में, मिलता है सच्चा सुख केवल, श्री राम तुम्हारे चरणों में, ◾️ चाहे बैरन सब संसार बने, चाहे मौत भी मुझ पे भार बने, चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में, मिलता है सच्चा सुख केवल, श्री राम तुम्हारे चरणों में, ◾️

बालाजी से बड़ो ना बलवान कोई मेहंदीपुर के जैसो है ना धाम कोई।

बालाजी से बड़ो ना, बलवान कोई, मेहंदीपुर के जैसो है,ना धाम कोई।। ◾️आके जो भी अर्जी लगावे, हाथों हाथ ही पर्चो पावे, देर होने को ना अठे काम कोई, देर होने को ना अठे काम कोई, मेहंदीपुर के जैसो है, ना धाम कोई।। ◾️सांचो यो दरबार कुहावे, हेरा फेरी काम ना आवे, चाहे निर्धन हो