बोलो तो सही, क्यूँ रूस्या हो बाबा..Verified lyrics 

बोलो तो सही, बोलो तो सही..2 क्यूँ रूस्या हो बाबा, आनख्या खोलो तो सही, बोलो तो सही, बोलो तो सही..2 यह अर्जी म्हारी है, पर मर्ज़ी थारी है, थारे से सावरिया, ये यारी पुरानी है, टाबरिया के कानी मुंडो मोडो तो सही क्यूँ रूस्या हो बाबा, आनख्या खोलो तो सही, बोलो तो सही, बोलो तो

मेहंदीपुर दरबार निराला हो रही जय जयकार

मेहंदीपुर दरबार निराला, हो रही जय जयकार, तेरी जय हो अंजनी लाल, तेरी जय हो अंजनी लाल।। ◾️सियाराम के भक्त हो प्यारे, माँ अंजनी के लाल दुलारे, भक्तो के बस तुम हो सहारे, करते पल में वारे न्यारे, संकट मोचन नाम है तेरा, सुन लेना दातार, तेरी जय हो अंजनी लाल, तेरी जय हो अंजनी

ओ मारुती ओ हनुमंता तेरा एक सहारा दूर करो दुःख सारा।

ओ मारुती ओ हनुमंता तेरा एक सहारा दूर करो दुःख सारा।। बात पुरानी है एक कहानी है सूरज को तूने मुख में लिया था देवो ने की थी अर्जी चली थी तेरी मर्जी छोड़ दिया तूने रवि को मुख से मिटा दिया अँधियारा दूर करो दुःख सारा ओ मारुती ओ हनुमंता दूर करो दुःख सारा

मेरे हनुमान तुझे प्रणाम भक्तोँ का तू सहाई बिगड़े बनाये काम॥

मेरे हनुमान तुझे प्रणाम, मेरे हनुमान तुझे प्रणाम, भक्तोँ का तू सहाई बिगड़े बनाये काम, मेरे बजरंग तुझे प्रणाम॥ ◾️तेरा जलवा खूब ओ तेरी महिमा खूब, क्या राजा क्या भिखारी सबपे रहता, है तू मेहरबान … मेरे हनुमान …॥ सबसे अमीर तू है मेरी तकदीर तू है, दर का फकीर हूँ मैँ बंदा अकीर हूँ

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले।। ◾️ मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी, प्रभु सदा मैं तेरे गुण गाउंगी, मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले, मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले, मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें, हर

मेरा बजरंग सोटे वाला सारे जग से निराला श्री राम का है वो दीवाना कहे सारा जमाना

मेरा बजरंग सोटे वाला, सारे जग से निराला, श्री राम का है वो दीवाना, कहे सारा जमाना, संकट हरता, दुखड़े हरता, नहीं किसी से डरता, मेरा बजरंग सोटे वाला, सारे जग से निराला।। ◾️चैत्र सुदी पूनम का दिन, ये हनुमान को लाया, चैत्र सुदी पूनम का दिन, ये हनुमान को लाया, कहीं सालासर कहीं मेहंदीपुर,

ऐसे भक्त कहाँ कहाँ जग मे ऐसे भगवान

ऐसे भक्त कहाँ कहाँ जग मे ऐसे भगवान काँधे पर दो वीर बिठाकर चले वीर हनुमान।। श्लोक – दुर्गम पर्वत मारग पे निज सेवक के संग आइए स्वामी भक्त के काँधे पे आन बिराजिए भक्त का मान बढ़ाइए स्वामी।। ऐसे भक्त कहाँ कहाँ जग मे ऐसे भगवान ऐसे भक्त कहाँ कहाँ जग मे ऐसे भगवान

मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम

मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम द्वार तिहारे आन पड़ा हूँ मेरी खबरीआ ले लो राम ले लो राम मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम… ◾️ इस जग ने मुझको ठुकराया मीत कोई न तुमसा पाया दुःख संताप मिटाकर मेरे नज़र दया की फेरो राम मेरे राम

भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं, कपि से उरिन हम नाहीं

भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं कपि से उरिन हम नाहीं भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं ◾️ सौ योजन, मर्याद समुद्र की ये कूदी गयो छन माहीं लंका जारी,सिया सुधि लायो पर गर्व नहीं मन माहीं कपि से उरिन हम नाहीं भरत भाई, कपि से उरिन हम नाहीं ◾️ शक्तिबाण, लग्यो लछमन

एक बार आओ जी बालाजी म्हारे आंगणा।

एक बार आओ जी बालाजी म्हारे आंगणा थाने टाबरिया बुलावे घर आज पधारो म्हारे आँगणिये।। केसरिया बागो पहरावा चांदी को थाके छतर चढ़ावा थाने बनड़ो बनावा बाबा आज पधारो म्हारे आँगणिये।। केसर चंदन तिलक लगावा इतर से बाबा थाने नहलवा थाको खूब करा श्रृंगार पधारो म्हारे आँगणिये।। खीर चूरमा को भोग लगावा प्रेम से बाबा