पायो निधि राम नाम, पायो निधि राम नाम।

पायो निधि राम नाम, पायो निधि राम नाम। सकल शांति सुख निधान, सकल शांति सुख निधान॥ पायो निधि राम नाम… ◾️ सुमिरन से पीर हरै, काम क्रोध मोह जरै। आनंद रस अजर झरै, होवै मन पूर्ण काम॥ पायो निधि राम नाम… ◾️ रोम रोम बसत राम, जन जन में लखत राम। सर्व व्याप्त ब्रह्म राम,

बाला सा थाने कोण सजाया जी म्हारे मनड़ो हर लीनो थारी सूरत मतवारी।

बाला सा थाने कोण सजाया जी, म्हारे मनड़ो हर लीनो, थारी सूरत मतवारी।। श्लोक – उत्सव आप को आ गयो, खूब सज्यो शृंगार, वीर बजरंगी मैं आपकी, लेउँ नज़र उतार। ◾️बाला सा थाने कोण सजाया जी, म्हारे मनड़ो हर लीनो, थारी सूरत मतवारी, म्हारे मनड़ो हर लीनो, थारी सूरत मतवारी।। ◾️थारे हाथ में घोटा, लाल

बाबा का दरबार सुहाना लगता है भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है।

बाबा का दरबार सुहाना लगता है, बाबा का दरबार सुहाना लगता है, भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है।। ◾️हमने तो बड़े प्यार से कुटिया बनायीं है, कुटिया में बाबा तेरी मूरत सजाई है, अच्छा हमें तुमको सजाना लगता है, भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है।। ◾️रंग बिरंगे फूलो की लड़िया लगे प्यारी, बालाजी

मन में लगन हो तो, प्रभु मिल जाएंगे

प्रेम की अगन हो,भक्ति सघन हो, मन में लगन हो तो,प्रभु मिल जाएंगे॥ ◾️ हृदय में भाव हो,अनुनय की छांव हो॥ आराधन का गांव हो,तो मन खिल जाएंगे॥ प्रेम की अगन हो……………….. ◾️ श्रद्धा की जोत हो,मैन में ना खोट हो॥ करुणा का स्रोत हो,तो प्रभु श्री आएंगे॥ प्रेम की अगन हो……………….. ◾️ चरणों की

बजरंग म्हारो सालासर वालो राम का सेवक अंजनी को लालो

बजरंग म्हारो सालासर वालो राम का सेवक अंजनी को लालो ज्योत जगावा थारी आज ज्योत जगावा थारी आज ओ बाबा म्हारी अरज सुणो।। ◾️प्रेम से थारी ज्योत जगावा नारियल चूरमो भेंट चढ़ावा थारी करा रे मैं तो मनुहार ओ बाबा म्हारी अरज सुणो।। ◾️आज दरबार में धूम मची है नाच नाच गावा म्हारे मन में

मन चंचल चल राम शरण में

माया मरी ना मन मरा, मर मर गया शरीर। आशा तृष्णा ना मरी, कह गए दास कबीर॥ माया हैं दो भान्त की, देखो हो कर बजाई। एक मिलावे राम सों, एक नरक लेई जाए॥ मन चंचल चल राम शरण में। हे राम हे राम हे राम हे राम॥ ◾️ राम ही तेरा जीवन साथी, मित्र

बजरंग बालाजी अंजनी लाला जी तेरा सिंदूरी तन मन भाये

बजरंग बालाजी अंजनी लाला जी तेरा सिंदूरी तन मन भाये तेरे मेहंदीपुर में तेरे सालासर में तेरे भक्तो की बिगड़ी बन जाए बजरंग बालाजी अंजनी लाला जी ◾️ जग ने जाना तू राम का दीवाना मेहंदीपुर प्यारा धाम तेरा तेरे चरणों में अर्पण है बाला तन मन मेरा तेरी भक्ति से तेरी सेवा से सियाराम

प्रगटे हैं चारों भैया में, अवध में बाजे बधईया

प्रगटे हैं चारों भैया में, अवध में बाजे बधईया। जगमगा जगमग दियाला जलत है, झिलमिल होत अटरिया, अवध में बाजे बधईया॥ ◾️ कौन लुटावे हीरा मोती, कौन लुटावे रूपया, अवध में बाजे बधईया॥ ◾️ राजा लुटावे हीरा मोती, मैया लुटावे रूपया, अवध में बाजे बधईया॥ ◾️ झांझ मृदंग ताल डप बाजे, नाचत ता ता थैया,

बजरंग बाला ने पवन के लाला ने कोटन कोट प्रणाम।।

बजरंग बाला ने पवन के लाला ने कोटन कोट प्रणाम।। बजरंग बाला ने पवन के लाला ने कोटन कोट प्रणाम भिखारी तेरे द्वार का बजरँग बाला ने पवन के लाला ने कोटन कोट प्रणाम।। ◾️ कैसा कैसा काम राजा राम का बनाया दरिया ने लांघ सूद सीता जी की ल्याया अंजनी का लाड़ला लाड़ला लाड़ला

बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला पाँव में घुंगरू बांध के नाचे जपे राम की माला

बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला पाँव में घुंगरू बांध के नाचे जपे राम की माला बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला।। ◾️ सिया राम ही राम पुकारे हनुमत जाए असुर सब मारे सीता की सुध लेने खातिर सीता की सुध लेने खातिर क्या से क्या कर डाला बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला। पाँव