मुरली वाले ने घेर लयी

मुरली वाले ने घेर लयी, अकेली बनिया गयी।
मै तो गयी थी यमुना तट पे,
कहना खड़ा था री पनघट पे।
बड़ी मुझ को रे देर भई,
अकेली बनिया गयी॥

◾️ श्याम ने मेरी चुनरी झटकी,
सर से मेरे घिर गयी मटकी।
बईया मेरी मरोड़ गयी,
अकेली बनिया गयी॥

◾️ बड़ा नटखट है श्याम सवारिया,
दे दारी मेरी कोरी चुनरिया।
मेरी गगरिया फोड़ दी,
अकेली बनिया गयी॥

◾️ लाख कही पर एक ना मानी,
भरने ना दे वो मोहे पानी।
मारे लाज के मै मर गयी,
अकेली बनिया गयी॥

गीता की 151 चुनिंदा पंक्तियों का संकलन| आशा है की यह पंक्तियाँ आपने जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगी| जय श्री कृष्णा !

कृष्ण जन्माष्टमी शायरी कार्ड -2019

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *