थारी मुरली मनड़ो मोयो कान्हा और बजाओ थारी मुरली न।✓ Lyrics Verified 

टेर : थारी मुरली मनड़ो मोयो कान्हा और बजाओ थारी मुरली न।
आ मुरली मीरा बाई ने मोही राणे न छोड़ मीरां थारे संग होई
मेड़तियो छिटकायो कान्हा।
आ मुरली राधा प्यारी ने मोही बृज में गोपी लीला होई
मधुबन रास रचायो कान्हा।
आ मुरली कर्मा बाई न मोही मंदिर में थारी बाटा जोही
जीण घर खीचड़ खायो कान्हा।
जद म्हारे मरुधर मेवला होसी धरती रो धन निर्भय सोसी
मीठा मीठा बोले दादर मोर कान्हा।
आखड़लिया फरके म्हारी आवण जावण गांया रे ग्वाले रो रूप पिछावण
म्हारे धोरां न स्वर्ग बनाओ कान्हा।
म्हारे मन हरड़ कोड की बातां याद करा थाने हिचकी आतां
म्हारे मनडे में धीर बंधाओ कान्हा।
राम मंदिर में एक बारी आओ निज भगतों को दर्श दिखाओ
राधा जी न संग में ल्याओ कान्हा।

गीता की 151 चुनिंदा पंक्तियों का संकलन| आशा है की यह पंक्तियाँ आपने जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगी| जय श्री कृष्णा !

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