म्हारा घडी रे घडी रा रिछपाल सिमरु बाबा बजरंग ने।✓ Lyrics Verified 

टेर : म्हारा घडी रे घडी रा रिछपाल सिमरु बाबा बजरंग ने।
थर थावर थारी करूं थरपना मंगल वारि भेंट,
घृत चूरमो चढ़ा स्यूं बाबा आके सालासर थारे ठेठ।
म्हारा घडी रे…..
बालक पन में खेलत खेलत सूरज पकड्यो जाये,
देवन आय कृ विनती तो मुख से दिया छिटकाय।
म्हारा घडी रे…..
सीता की सुध लें पधारे अंजनी सूत हनुमान,
लंका जाये राख कर दीन्हि मारयो है अक्षय कुमार।
म्हारा घडी रे…..
कछ्मण के जब शक्ति लागी गिरयो धरण गम खाय,
लाय सरजीवन घोल पिलाई जगे वीर महान।
म्हारा घडी रे…..
लछमन राम चुरा कर लेग्या अहिरावण निज धाम,
ताहि समय बाबा सहाय करी है लायो है लछमन राम।
म्हारा घडी रे…..
बड़े बड़े कारज कर डारे थे अंजना के लाल,
देवकी नंदन सहाय करो रे बेड़ो लंघाओं पार।
म्हारा घडी रे…..

गीता की 151 चुनिंदा पंक्तियों का संकलन| आशा है की यह पंक्तियाँ आपने जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगी| जय श्री कृष्णा !

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *