बजरंगबली मेरी नाव चली, जरा बल्ली कृपा की लगा देना।

बजरंगबली मेरी नाव चली,
जरा बल्ली कृपा की लगा देना।
मुझे रोग व शोक ने घेर लिया,
मेरे ताप को नाथ मिटा देना।।
मैं दास आपका जन्म से हूँ,
बालक और शिष्य भी धर्म से हुँ।।
बेशर्म, विमुख निज कर्म से हूँ,
चित से मेरा दोष भुला देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….
दुर्बल हूँ, गरीब हूँ, दीन हूँ मैं,
नित कर्म-क्रिया गति क्षीण हूँ मैं।।
बलवीर तेरे आधीन हूँ मैं,
मेरी बिगड़ी हुई को बना देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….
बल देके मुझे निर्भय कर दो,
यश कीर्ति मेरी अक्षय कर दो।
मेरे जीवन को सुखमय कर दो,
संजीवन ला के पिला देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….
करुणानिधि आपका नाम भी है,
शरणागत आपका दास भी है।
इसके अतिरिक्त ये काम भी है,
श्री राम से मोहे मिला देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….

एक बेहतर और सफल जिंदगी के लिए हमारे नजरिये और सोच का सकारात्मक होना बेहद जरुरी है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही सुविचार बता रहे हैं जिन्हे पढ़कर आपके सोचने का नजरिया बदल जायेगा।

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