थाने विनती करूं मैं बारम्बार मर्याद भवानी अर्ज सुनो।✓ Lyrics Verified 

टेर : थाने विनती करूं मैं बारम्बार मर्याद भवानी अर्ज सुनो।
गंगे भूप पर कृपा किन्ही गढ़ र नींव लगाय,
देशनोक में बण्यो देवरो शोभा तो बरणी न जाय।
थाने विनती…..
सेखों जी मुल्तान री कैद में घर बेटी रो ब्याह,
बनके कांवली डाल पंजे मैं फेरा सु पहले पुगाय।
थाने विनती…..
गंगे भूप की सहाय करी माँ अंगरेजा र मांय,
अंग्रेजो ने कुबद कमायो सुतोडो सिघड़ो जगाय।
थाने विनती…..
अब रे सिघड़ो आयो भूप पर हथल रोकी आय,
गंगे भूप न पर्चो दीन्हो सिघड़े ने चीर भगाय।
थाने विनती…..
गांव थिराणो जात ब्राह्मण दलूराम कथ गाय,
अन्नक्षेत्र श्रीराम मंदिर के भगतों की करियो सहाय।
थाने विनती…..

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