Category: Shri Ram Bhajan

या विध सिया रामा भोग लगायो भगत बछल हरि नाम कहायो✓ Lyrics Verified 

शास्त्रों के अनुसार भगवान को आरती के बाद भोग लगाया जाता है। आज हम श्री राम जी का बहुत ही सूंदर भोग लेके आये है। जो निसंदेह आपको श्री राम जी के साथ भाव से जोड़ देगा और आपको मन में शांति और श्रद्धा का भाव पैदा करेगा तो आएंगे मेरे साथ इस राम जी

मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान तुम्हारे चरणों में,✓ Lyrics Verified 

आज हम श्री राम जी का बहुत ही सूंदर भजन लेके आये है। जो निसंदेह आपको श्री राम जी के साथ भाव से जोड़ देगा और आपको मन में शांति और श्रद्धा का भाव पैदा करेगा। || मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान तुम्हारे चरणों में, श्रीराम तुम्हारे चरणों में हनुमान तुम्हारे चरणों में ||

तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदास मन काहे को करे✓ Lyrics Verified 

टेर : तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार उदास मन काहे को करे नैया कर तूं प्रभु के हवाले लहर लहर हरी आप संभाले हरि आप उतारेंगे पार उदास मन काहे को करे तेरा रामजी करेंगे…… काबू में मझधार उसी के हाथों में पतवार उसी के बजी जीत ले ओ चाहे हार उदास मन काहे को

राम नाम के हीरे मोती✓ Lyrics Verified 

टेर : राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊ गली गली, ले लो रे कोई राम का का प्यारा आवाज लगाऊ गली गली। दौलत के दीवानों सुन लो एक दिन ऐसा आवेगा, धन दौलत और रूप खजाना यहीं धरा रह जावेगा, सूंदर काया माटी होगी चर्चा होगी गली गली। ले लो रे….. मित्र प्यारे सगे

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम✓ Lyrics Verified 

टेर : सीताराम सीताराम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये। मुख में नाम राम सेवा हाथ में, कैसे तूं अकेला प्राणी राम तेरे साथ में, विधि का विधान जान लाभ हानि सहिये। जाहि ….. जिंदगी की डोर छोड़ राम जी में, महलों में राखों चाहे झोपड़ी में बास दे, धन्यवाद निर्विवाद राम

हमें राम का दर्श करादो जी। अंजनी का लाल✓ Lyrics Verified 

दोहा : वर दीजो हनुमान अब ,किरपा करो हे नाथ ,राम राम रटता रहू, हो भक्तो का साथ। टेर : हमें राम का दर्श करादो जी, हे अंजलि का लाल। था तुलसीदास दास बड़ा भागी, जाके राम लखन हिये लागी ,तेरी कृपा से किस्मत जागी जी                  

राम जी की निकली सवारी

हो…………सर पे मुकुट सजे मुख पे उजाला, मुख पे उजाला हाथ में धनुष गले में पुष्प माला हम दास इनके ये सबके स्वामी अन्जान हम ये अन्तर्यामी शीश झुकाओ, राम गुन गाओ बोलो जय विष्णु के अवतारी राम जी की निकली सवारी राम जी की लीला है न्यारी ।।१।। एक तरफ़ लक्ष्मण एक तरफ़ सीता

सीताराम कहिये। जाहि विधि राखे राम

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये। जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।। मुख में हो राम-नाम राम सेवा हाथ में। तू अकेला नहीं प्यारे राम तेरे साथ में।। विधि का विधान जान हानि-लाभ सहिये। जाहि विधि…… किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा। होगा प्यारे वही जो श्रीरामजी को भायेगा।। फल आशा त्याग शुभ कर्म करते

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् नवकञ्ज लोचन कञ्ज मुखकर कञ्जपद कञ्जारुणम् १.. कंदर्प अगणित अमित छबि नव नील नीरज सुन्दरम् पटपीत मानहुं तड़ित रुचि सुचि नौमि जनक सुतावरम् २.. भजु दीन बन्धु दिनेश दानव दैत्यवंशनिकन्दनम् रघुनन्द आनंदकंद कोशल चन्द दशरथ नन्दनम् ३.. सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदार अङ्ग विभूषणम् आजानुभुज सर चापधर

मुझे अपनी शरण में लेलो राम -२ लोचन मन में जगह न हो तो

मुझे अपनी शरण में लेलो राम -२ लोचन मन में जगह न हो तो युगल चरण में लेलो राम, मुझे… जीवन देके जाल बिछाया रच के माया नाच नचाया चिंता मेरी तभी मिटेगी -२ जग चिंतन लेलो राम, मुझे… तुमने लाखों पापी तारे मेरी बरी बजी हारे मेरे पास न पुण्य की पूंजी -२ पद