Category: Krishan Bhajan

आओ श्याम जी कन्हैया नंदलाल जी

आओ श्याम जी कन्हैया नंदलाल जी, मेरे प्राणो से प्यारे गोपाल जी। ◾️ दूर देश की रहने वाली, कैसे तुमको पाऊं कौन सुने या दुखिया मन की, किस को व्यथा सुनाऊँ मेरे प्राण सावँरे प्रीतम, मैं पल पल आस लगाऊं कब आवोगे मेरे जीवन साथी, मैं बलिहारी जाऊं अनजाने में अनजाने को दे बैठी दिल

आप क्या जानो ए श्याम सुन्दर

आप क्या जानो ए श्याम सुन्दर, कैसे तुम बिन जिए जा रहें हैं। तेरे मिलने की उम्मीद लेकर, गम के आंसू पिए जा रहें हैं॥ ये जुदाई सहेंगे श्याम कब तक, बिन दर्शन रहेंगे श्याम कब तक। दुनिया से हो गए हैं बेगाने, तेरा नाम लिए जा रहें हैं॥ आप क्या जानों… श्याम सुन्दर कहाँ

जब बिन मांगे मिलता तो बोल के क्या मांगू

जब बिन मांगे मिलता तो बोल के क्या मांगू धन दौलत क्या मांगे मुस्कान है दी तुमने हमे श्याम प्रेमियों की पहचान है दी तुमने जब बिन मांगे मिलता तो बोल के क्या मांगू ◾️ धन दौलत क्या मांगे मुस्कान है दी तुमने हमे श्याम प्रेमियों की पहचान है दी तुमने किस्मत को बनाते हो

जिनका दिल मोहन की चौखट का दीवाना हो गया

जिनका दिल मोहन की चौखट का दीवाना हो गया इस जहाँ से दूर उनका आशियाना हो गया बोलो श्याम श्याम श्याम-4 ◾️ कर लिया दीदार जिसने सांवले सरकार का बन गया नौकर हमेशा के लिए दरबार का रोज़ मिलने का प्रभु से ये बहाना हो गया इस जहाँ से दूर उनका… ◾️ ना रही परवाह

होली खेले राधा से नंदलाल

रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे होली खेले राधा से नंदलाल होली खेले ………….2 ◾️ रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे रंग बरसे होली खेले राधा से नंदलाल होली खेले ………….2 ◾️ सोच रही राधा रानी कैसे रंग श्याम को …2 काले को कैसे कर

माँगा है मैंने श्याम से वरदान

माँगा है मैंने श्याम से वरदान एक ही……..2 तेरी कृपा बानी रहे जब तक है ज़िन्दगी जिस पर प्रभु का हाथ था वो पार हो गया ……..2 जो भी सरन में आ गया उद्धार हो गया……..2 ◾️ जिसको भरोषा श्याम पर जिसको भरोषा श्याम पर डूबा कभी नहीं माँगा है मैंने श्याम से वरदान एक

गले से लगा लो न कन्हैया

गले से लगा लो न कन्हैया मुझको गले से लगा लो न तुम्हारे शिव कोई न मेरा मुझे अपना बना लो न ……2 गले से लगा लो न कन्हैया मुझको गले से लगा लो न तुम्हारे शिव कोई न मेरा मुझे अपना बना लो न ……2 ◾️ अपना नहीं कोई संगेले पराई …2 जितना उठु

वक़्त तो लगता है

बर्षो पाप किये है हमने चुपके चोरी चोरी ……..2 इतने पापो को धोने में वक़्त तो लगता है ……..2 पावन और निर्मल होने में वक़्त तो लगता है …………… इतने पापो को धोने में वक़्त तो लगता है ……..2 ◾️ हमने नफरत के पौधों को जीवन में सीचा……..2 प्रेम के बीज यहाँ बोने में वक़्त

न ज़रूरत उसे पूजा और पाठ की

न जरुरत उसे पूजा और पाठ की जिसने सेवा करि अपने माँ बाप की …2 रहता भगवन उसके सदा साथ है बन गाया जो ख़ुशी अपने माँ बाप की न जरुरत उसे पूजा और पाठ की जिसने सेवा करि अपने माँ बाप की …2 ◾️ छोड़ चिंता सभी न गमो से डरो …2 बूढ़े माँ

साँवरे इतना तो कह दे

साँवरे इतना तो कह दे ……2 किस से जाकर हम कहे …2 आप के होते कन्हैया …2 दास क्यों दुखड़े सहे साँवरे इतना तो कह दे……… साँवरे मेरी तो केवल आप से पहचान है लेना देना आप ही से बस यही मुझे ज्ञान है ……2 आपने आँखें चुराई …2 समझो फिर लूट गए साँवरे इतना