Category: Krishan Bhajan

रिश्ता तू बनाले श्याम से

तेरे हर दुःख में तेरे हर दुःख में हर सुख में यही काम आएगा. रिश्ता तू बना ले श्याम से आराम पायेगा …2 रिश्ता तू बना ले श्याम से आराम पायेगा …2 ◾️ ये ऐसा सच्चा साथी हर दुःख में साथ निभाए इस जग में हार गया जो उसे बढ़ कर गले लगाए जब ठुकरा

जब से थामा है तूने सावरिया

जब से थामा है तूने सावरिया मेरा हाथ …2 खुद ही बन जाती मेरी …2 बिगड़ी हर बात ………… जब से थामा है तूने सावरिया मेरा हाथ …2 ◾️ हर गया था मैं तो मनमोहन पतझड़ सा बन गया था ये जीवन नज़र उठा के जब तूने देखा बदल गयी इस किस्मत की रेखा …2

कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है

कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है थाने कोल निभानो है कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है कीर्तन की है रात बाबा ◾️ आज थाने आनो है दरबार सावरिया ऐसो साजो प्यारो दयालु आपको सेवा में सावरिया सगळा खड़ा दिखे हुकम

कण कण में वास है जिसका

कण कण में वास है जिसका तिहु लोक में राज है उसका ….2 हारे का साथ निभाए प्रेमी को गले लगाए ………2 ऐसा तो हमारा बाबा है बाबा तो हमारा है …..2 कण कण में वास है जिसका तिहु लोक में राज है उसका ….2 हारे का साथ निभाए प्रेमी को गले लगाए ………2 ऐसा

माना मुश्किल बहुत बड़ी पर डरने की क्या बात है

माना मुश्किल बहुत बड़ी पर डरने की क्या बात है ….2 ◾️ लेके हाथ में मोर छड़ी जब बाबा अपने साथ है …..2 माना मुश्किल बहुत बड़ी पर डरने की क्या बात है ….2 लेके हाथ में मोर छड़ी जब बाबा अपने साथ है …..2 ◾️ माना रात अँधेरी है लेकिन ये भी काट जाएगी

जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है

जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है। क्यों भटकूँ गैरों के दर पे तेरा दरबार काफी है॥ ◾️ नहीं चाहिए ये दुनियां के निराले रंग ढंग मुझको, निराले रंग ढंग मुझको चली जाऊँ मैं वृंदावन चली जाऊँ मैं वृंदावन तेरा श्रृंगार काफी है जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है ◾️

साँवरिया ले चल परली पार

कन्हैया ले चल परली पार, साँवरिया ले चल परली पार। जहां विराजे राधा रानी, अलबेली सरकार॥ विनती मेरी मान सनेही, तन मन है कुर्बान सनेही, कब से आस लिए बैठी हूँ, जग को बाँध किये बैठी हूँ, मैं तो तेरे संग चलूंगी। ले चल मुझको पार॥ साँवरिया ले चल परली पार… गुण अवगुण सब तेरे

तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है

तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ। यह जो दुनिया है, वन है कांटो का, तू फुलवारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ॥ ◾️ दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ, मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया। मेरी निदिया

तुम हमारे थे प्रभुजी, तुम हमारे हो

तुम हमारे थे प्रभुजी, तुम हमारे हो तुम हमारे ही रहोगे, हो मेरे प्रीतम॥ ◾️ हम तुम्हारे थे प्रभुजी, हम तुम्हारे हें हम तुम्हारे ही रहेंगे, ओ मेरे प्रीतम॥ ◾️ तुम्हें छोड़ सुन नन्द दुलारे कोई न मीत हमारो॥ किस्के दुआरे जाएँ पुकारूँ और न कोई सहारो ॥ अब तो आके बाहाँ पकड़ लो, ओ

मोहे आन मिलो श्याम बहुत दिन बीत गए

मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए। बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥ ◾️ राह तकत के हारी अँखियां, फिर भी आस लगाए यह अँखियां। अब आई जीवन की श्याम, बहुत दिन बीत गए॥ ◾️ राधा की अँखियन के तारे, मन हर मोहन नन्द दुलारे, मेरे मन में बस जाओ श्याम,