Category: Krishan Bhajan

मन तड़पत हरि दर्शन को आजVerified Lyrics 

मन तड़पत हरि दर्शन को आज मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज विनती करत हूँ रखियो लाज ॥ मन तड़पत हरि…॥ तुम्हरे द्वार का मैं हूँ जोगी हमरी ओर नज़र कब होगी सुन मोरे व्याकुल मन का बात ॥ मन तड़पत हरि…॥ बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पाऊँ दीजो दान हरी गुन गाऊँ सब गुनी

राधिका गौरी से बृज की छोरी से

कृष्ण – राधिका गौरी से बृज की छोरी से मैया कराय दे मेरो ब्याह यशोदा – उम्र तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है कैसे करा दूँ तेरा ब्याह – राधिका गौरी से कृष्ण – जो नहीं ब्याह करावे, तेरी गैया न चारो आज के बाद मोरी मैया, तेरी देहली पर ना आऊँ आयेगा रे

तेरी यमुना दा मीठा मीठा पानी

तेरी यमुना दा मीठा मीठा पानी मटकियाँ भर लेन दे – तेरी यमुना मैं तो जब यमुना तट पर आई आगे मिल गए कृष्ण कन्हाई मेरी, एक बात ना मानी – मटकियाँ भर लेन दे… अर्ज करी दोनों कर जोरि फिर भी उसने बांह मरोरि फिर खूब हुई खैंचताणि – मटकियाँ भर… करके बहाना पानी

सरवरीये री पाल खड़ी या, नानी नीर बहावे है,Verified lyrics 

सरवरीये री पाल खड़ी या, नानी नीर बहावे है, माँ के जाये बीर बिना कुण-2, भात भरण ने आवे है।। 1. एक दिन म्हारो भोळो बाबुल, अरबपति कहलायो थो, अन धन रा भण्डार घणेरा ओर छोर नहीं पायो थो। ऊँचा ऊँचा महल मालिया, नगर सेठ कहलायो थो, अणगिणती का नोकर चाकर, याद म्हने सब आवे

आज बृज में होरी रे रसिया। होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥

आज बृज में होरी रे रसिया। होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥ अपने अपने महलों से निकली, कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया। कौन गाँव के कुंवर कन्हैया, कौन गाँव राधा गोरी रे रसिया। नन्द गाँव के कुंवर कन्हैया, बरसाने की राधा गोरी रे रसिया। कौन वरण के कुंवर कन्हैया, कौन वरण राधा गोरी रे

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना मुझे इसका गम नहीं है, बदलेगा यूँ जमाना मेरी जिंदगी के मालिक, कहीं तुन बदल न जाना मुझे रास आ गया… तेरी बंदगी से पहले, मुझे कोण जनता था तेरी याद ने बना दी, मेरी जिंदगी फ़साना

श्री कृष्णा चालिसा – बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।

॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बा फल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पिताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ ॥चौपाई॥ जय यदुनन्दन जय जगवन्दन। जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नट-नागर नाग नथैया। कृष्ण

श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली।Lyrics Verified 

श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली। श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली।। बाग़ है यह अलबेला, लगा कुंजो में मेला-2 हर कोई नाचे गाये, रहे कोई ना अकेला-2 झूम कर सब ये बोलो, हर बरस आये यह होली-2 चलो खेलेंगे होली, चलो खेलेंगे होली-2 श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली-2 कभी वृन्दावन

माधव के हाथ में जादू कि छडी हैVerified Lyrics 

माधव के हाथ में जादू कि छडी है वाहे में जान मेरी अटकी पड़ी है माधव के हाथ में जादू कि छडी है वाहे में जान मेरी अटकी पड़ी है साँझ ढले कदम तले तेरे कन्हइया साँझ ढले कदम तले तेरे कन्हइया बंसी बजईया हो मेरा बंसी बजईया बंसी बजईया हो सखी बंसी बजईया बाँकी

मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो।Lyrics Verified 

मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो। कहत सुनत में आकर काहे झूठा दोष लगायो, री मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो। यमुना के तट पर ग्वाल बन संग चार सहार मैं खेला गैइया चरावत बंसी बजावत साँझ की बेला भूक लगी तो दौड़त दौड़त सीधा मैं घर आयो मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो…… न