Category: Krishan Bhajan

श्री कृष्णा चालिसा – बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।

॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बा फल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पिताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ ॥चौपाई॥ जय यदुनन्दन जय जगवन्दन। जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नट-नागर नाग नथैया। कृष्ण

श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली।Lyrics Verified 

श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली। श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली।। बाग़ है यह अलबेला, लगा कुंजो में मेला-2 हर कोई नाचे गाये, रहे कोई ना अकेला-2 झूम कर सब ये बोलो, हर बरस आये यह होली-2 चलो खेलेंगे होली, चलो खेलेंगे होली-2 श्याम से श्यामा बोली, चलो खेलेंगे होली-2 कभी वृन्दावन

मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो।Lyrics Verified 

मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो। कहत सुनत में आकर काहे झूठा दोष लगायो, री मैया मोरी, मैं नहीं माखन खायो। यमुना के तट पर ग्वाल बन संग चार सहार मैं खेला गैइया चरावत बंसी बजावत साँझ की बेला भूक लगी तो दौड़त दौड़त सीधा मैं घर आयो मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो…… न

होली आई रे कन्हाई, होली आई रेLyrics Verified 

होली आई रे कन्हाई, होली आई रे होली आई रे कन्हाई, रंग छलके सुना दे जरा बाँसुरी…..2 बरसे गुलाल रंग मोरे आंगनवा अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनावा हो देखो नाचे मोरा मनवा….2 बरसे गुलाल रंग मोरे आंगनवा, जी मोरे आंगनवा, अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनावा, तोरे कारण घर से

जब से तेरी मेरी मुलाकात हो गयी

जबसे तेरी मेरी मुलाकात हो गयी, सारे कहते है की करामात हो गयी। दुनिया दीवानी मेरे साथ हो गयी, सारे कहते है करामात हो गयी॥ ◾️ संवारे सलौने श्याम, झूम झूम गाऊ मैं तूने क्या किया है कैसे तुझको बताऊ मैं। खुशियों की जैसे बरसात हो गयी है, सारे कहते है की करामात हो गयी॥

तुमने बुलाया फिर मुझे लो आ गया प्रभु

तुमने बुलाया फिर मुझे लो आ गया प्रभु दर्शन दिए है आपने की है दया प्रभु ◾️ राहे थी बंद आपने रस्ते बना दिए सब इंतज़ाम कर दिए बाबा मेरे लिए करजाई फिर से आपका मैं हो गया प्रभु ◾️ चाहोगे जब भी तुम प्रभू आऊंगा मैं ज़रूर दर्शन को नैन बावरे कैसे रहेंगे दूर

ज़री की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला

ज़री की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ज़री की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ◾️ कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा, ज़ारी की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ज़ारी की पगड़ी बाँधे सुंदर आँखो वाला, ◾️ कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा, कानो मेी कुंडल साजे सिर मोर मुकुट बिराजे, कानो मेी कुंडल

बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घने दिनों में आया

बता मेरे यार सुदामा रे भाई घने दिनों में आया ◾️ बालक था रे जब आया करता रोज़ खेल के जाया करता रे बालक था रे जब आया करता रोज़ खेल के जाया करता हुए के तकरार सुदामा रे भाई घने दिनों में आया बता मेरे यार सुदामा रे भाई घने दिनों में आया ◾️

दिल ले लिया है मेरा वो नंद के दुलारे

दिल ले लिया है मेरा वो नंद के दुलारे। पनिया भरन गई मैं जमुना नदी किनारे॥ ◾️ सर पर मुकुट जड़ा था, कानो कुंडल पड़ा था, पनघट निकट खड़ा था, कर प्रेम के इशारे। दिल ले लिया है मेरा वो नंद के दुलारे॥ ◾️ गल विच फूल माला, लोचन परम रसाला, कटी मेखला विशाला, तन

पत्थर की राधा प्यारी पत्थर के कृष्ण मुरारी

पत्थर की राधा प्यारी, पत्थर के कृष्ण मुरारी पत्थर से पत्थर घिस के पैदा होती चिंगारी पत्थर की नार अहिल्या, पग से श्री राम ने तारी पत्थर के मठ में बैठी, मैया हमारी ◾️ चौदह बरस वनवास में भेजा, राम लखन सीता को, पत्थर रख सीने दशरथ ने पुत्र जुदाई का भी पत्थर सहा देवकी