Category: Hanuman Bhajan

ओ सालासर के सांवरिया, तेरे दर पर भिखारी आया है

ओ सालासर के सांवरिया, तेरे दर पर भिखारी आया है, आशा की झोली है कर में, तेरे द्वार पर अलख जगाया है। ओ सालासर के… भरते हो हजारों का दामन, तब ही प्रभु राम कहाए हो, मैं दीन अनाथ हूँ, श्याम प्रभु, भर दो मेरी खाली झोली। ओ सालासर के… मेरा निश्चय है बस एक

दोहा : आदि शक्ति के लाडले, राम भक्त सिरमौर।

दोहा : आदि शक्ति के लाडले, राम भक्त सिरमौर। संकटमोचन आपसे, विनय करूं कर जोर।। रुदरवेश शंकर सुवन, पवन पुत्र हनुमान। जय संकट मोचन प्रभु, बजरंगी हनुमान।। दिन दुखियारी आन गिरे, दर तेरे सिर नाए। दया दृष्टि से भक्तन के, दीजो कष्ट मिटाये।। मन होजा दीवाना रे, बालाजी के चरणों में तू करले ठिकाना रे,

आओ पवन कुमार, तुझे भक्तों ने पुकारा है।

आओ पवन कुमार, तुझे भक्तों ने पुकारा है एक तेरा सहारा है, आओ पवन कुमार अंजनी के लाल तुम, हो राम के सेवक, जगह दिल में पा गये लांघा समुन्दर था, लंका जलाई थी, सिया सुधि पा गये हमारी भी सुध लेना, हमारी भी सुध लेना, कि जग में कोई न हमारा है, एक तेरा

लताओं पुष्प बरसाओ, मेरे भगवान आये हैं मेरे हनुमान आये हैं…

लताओं पुष्प बरसाओ, मेरे भगवान आये हैं मेरे हनुमान आये हैं… ऐ कोयल मीठे स्वर गाओ, मेरे भगवान आये है। मेरे हनुमान आये है… लगी थी आशा सदियों से, हुए हैं आज वो दर्शन। निभाने आपने वादे को, पधारे खुद पतित पवन। मेरे कष्टों को हरने को, वो नंगे पाँव आये हैं। मेरे हनुमान आये

महावीर तुम्हारे द्वारे पर एक दास भिखारी आया है।

महावीर तुम्हारे द्वारे पर एक दास भिखारी आया है। प्रभु दर्शन भिक्षा पाने को, दो नयन कटोरे लाया है।। नहीं दुनिया में कोई मेरा है, आफत ने मुझे घेरा है। जग ने मुझको ठुकराया है, बस एक सहारा तेरा है।। महावीर तुम्हारे द्वारे…. मेरी बीच भंवर में नैया है, एक तू ही पर लगैया है।

बजरंगबली मेरी नाव चली, जरा बल्ली कृपा की लगा देना।

बजरंगबली मेरी नाव चली, जरा बल्ली कृपा की लगा देना। मुझे रोग व शोक ने घेर लिया, मेरे ताप को नाथ मिटा देना।। मैं दास आपका जन्म से हूँ, बालक और शिष्य भी धर्म से हुँ।। बेशर्म, विमुख निज कर्म से हूँ, चित से मेरा दोष भुला देना। बजरंगबली मेरी नाव चली…. दुर्बल हूँ, गरीब

बजरंगबली तेरा हम दर्श अगर पाएं, हे राम भक्त तेरे चरणों में।

बजरंगबली तेरा हम दर्श अगर पाएं, हे राम भक्त तेरे चरणों में लिपट जाएं। अंजनी के लाल जग में तेरी महिमा न्यारी हो, हे पवन पुत्र तुम तो शंकर के अवतारी हो। बिन देखे तेरी सूरत अब चैन नहीं आए। बजरंगबली तेरा…. ओ सूरज को निगल करके बजरंगी कहलाए, लंका को जलाकर के सीता की

मेहंदीपुर वाले दरबार तेरा दूर है, मन में विचार लिया

मेहंदीपुर वाले दरबार तेरा दूर है, मन में विचार लिया आना भी जरूर है। मेरी ये रजा, मेरी ये रजा, आगे तेरी मर्जी। तेरा दरबार मेरे मन लुभाता है। बार बार आना मेरे मन को बड़ा भाता है।।1।। एक बार आने वाला बार बार आता है। बाबा अपने भक्तों से प्यार से बुलाता है।।2।। प्यार

म्हे तो आया हो बजरंगी थारे द्वार चरणा में अर्ज करां।

म्हे तो आया हो बजरंगी थारे द्वार चरणा में अर्ज करां। शीश मुकुट कानों में कुंडल गल वैजन्ती माला। लाल सिंदूर रम्या तन ऊपर राम नाम मतवाला।। प्यारो लागे म्हाने थारो दरबार।।1।। भक्तां ने थे दर्शन देवो भीड़ बड़ी है भरी। दूर दूर से सेवक आया आशा लागी थारी।। थारा सेवक करे रे पुकार।।2।। बालाजी

भरोसे थारे चाले ओ, बजरंग म्हारी नाव।

भरोसे थारे चाले ओ, बजरंग म्हारी नाव। गहरी गहरी नदिया नाव पुरानी, दीखे नहीं किनारों। चारो पासे ढूंढ फिरयो पर मिल्यो ना कोई सहारो। या तो डगमग डगमग हाले ओ बजरंग म्हारी नाव।।1।। करके दया वेग तुम आवो बल्ली आन लगावो। म्हारी या डूबतडी नैया तुरंत ही पार लगावो। म्हारी विपदा क्यूँ ना टाले ओ,