Category: Hanuman Bhajan

ना स्वर है ना सरगम है ना लय न तराना है

ना स्वर है ना सरगम है ना लय न तराना है हनुमान के चरणो में एक फूल चढ़ाना है।। तुम बाल समय में प्रभु सूरज को निगल डाले अभिमानी सुरपति के सब दर्प मसल डाले बजरंग हुए तब से संसार ने जाना है ना स्वर है ना सरगम हैं ना लय न तराना है।। सब

देता है वो राम का कदम कदम पर साथ

देता है वो राम का, कदम कदम पर साथ, रहे उसके सर पर हरदम-2, श्री राम प्रभु का हाथ, देता है वो राम का, कदम कदम पर साथ।। जहां जहां श्री राम चलेंगे, वहां वहां हनुमान जी, जैसे जैसे राम कहेंगे, वो ही करेंगे हनुमान जी, प्रभु श्री राम की देखो-2, माने वो सारी बात,

दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं

दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं।। हो जाते है जिसके अपने पराये हनुमान उसको कंठ लगाये जब रूठ जाये संसार सारा बजरंगबली तब देते सहारा अपने भक्तो का बजरंगी मान करते है संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं।। दुनिया में काम कोई ऐसा नहीं है हनुमान

दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना।।

दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना।। सीता हरण की कहानी सुनो बनवारी मेरी जुबानी सुनो सीता मिले ना श्री राम के बिना पता चले ना हनुमान के बिना ये दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना।। लक्ष्मण का बचना मुश्किल