Category: Hanuman Bhajan

अंजनी माँ थारो लाल कठे वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे

अंजनी माँ थारो लाल कठे, वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे, वो संकट मोचन नाम कठे, दुनिया में बढ़ ग्यो पाप घणो, दुनिया में बढ़ ग्यो पाप घणो, वो राम भगत हनुमान कठे, अंजनी माँ थारो लाल कठे, वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे, वो संकट मोचन नाम कठे।। धरती रो पाप मिटावण ने, अब पड़ी जरुरत

अंजनी के लाला सुनो दिन दयाला शरण पड़ा हूँ मुझे देदो सहारा

अंजनी के लाला सुनो दिन दयाला, शरण पड़ा हूँ मुझे देदो सहारा, तेरा द्वारा सबसे न्यारा, लगता मुझको प्यारा, अंजनी के लाला सुनो दिन दयाला, शरण पड़ा हूँ मुझे देदो सहारा।। सालासर तेरा भवन बिराजे, महिमा है अति भारी, झालर शंख नगाड़ा बाजे, पूजे नर और नारी, मेरी भी अर्जी सुन लेना बाबा, शरण पड़ा

अंजनी का लाला ओ बजरंग बाला कोई ना तुमसा बलि

अंजनी का लाला ओ बजरंग बाला, अंजनी का लाला ओ बजरंग बाला, कोई ना तुमसा बलि, सुमिरन करे जो, ध्यान धरे जो, करता तू उसकी भली, है सालासर में, धाम तुम्हारा, भक्तो का प्यारा तू,राम दुलारा, शीश झुकाता आ संसार सारा, अंजनी का लाला ओ बजरंग बाला, कोई ना तुमसा बलि।।\बज रहा जगत में डंका

कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है

कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है, देखो देखो आ गया बजरंग बाला है, जहाँ जहाँ कीर्तन प्रभु का होता है, नाचे हनुमत होकर के मतवाला है, कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है, देखो देखो आ गया बजरंग बाला है।। पाँव में घुँघरू बँधे है, हाथ में करताल, ठुमक ठुमक कर झूमता है, अंजनी

राम दीवाने बजरंगी की महिमा गाएगा

राम दीवाने बजरंगी, की महिमा गाएगा, हनुमान की किरपा से, तू मौज उड़ाएगा, मनाले महावीर को प्यारे, जगाले तक़दीर को प्यारे।। सेवक है ये राम का, राम भजन करने वाला, तेरी सारी चिंता को ये, दूर करे अंजनी लाला, तेरे कष्ट मिटाए, बजरंगी, भव पार लगाए, बजरंगी, जब जब याद करेगा अपने, पास ही पाएगा,

आज्ञा नहीं है माँ मुझे किसी और काम की।

न पल मे यु महान न होते गदा हाथ लिये बलवान न होते न विजय श्रीराम की होती अगर पवनपुत्र हनुमान न होते आज्ञा नहीं है माँ मुझे, किसी और काम की वरना भुजाएँ तोड़ दू, सौगंध राम की लंका पाताल ठोक दू, रावण के शान की जिन्दा जमी मे गाढ़ दू, सौगंध राम की

मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का।

किस काम के यह हीरे मोती, जिस मे ना दिखे मेरे राम। राम नहीं तो मेरे लिए है व्यर्थ स्वर्ग का धाम॥ मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का। कभी ना सूना ना रहता आसन मेरे मन के धाम का॥ ◾️राम चरण की धुल मिले तो तर जाये संसारी। दो अक्षर के

महादेव शिव की है दोनो संतान एक बलि भैरव तो दुजे हनुमान ॥

रविवार भैरव भजो मंगल शनि हनुमान सब संकट टल जाये ‘लक्खा’ हो जाये कल्याण महादेव शिव की है दोनो संतान एक बलि भैरव तो दुजे हनुमान ॥ ◾️एक तन सिन्दुरी है एक रूप काला, दुनिया में दोनो का है बोलबाला । दोनो में ही… दोनो में विषमता है फिर भी समान एक बलि भैरव तो

श्री राम जहाँ होंगे हनुमान वहां होंगे

श्री राम जहाँ होंगे, हनुमान वहां होंगे, दोनों जहाँ होंगे, वहां कल्याण करेंगे, हर काम बनेंगे, श्री राम जहाँ होंगे।। श्री राम का जो भी,ध्यान लगाएगा, बालाजी के दर्शन,वो ही पाएगा, प्रभु राम की भक्ति से,तुम्हे हनुमान मिलेंगे, कल्याण करेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।। श्री राम जहां होंगे,हनुमान वहां होंगे, दोनों जहाँ होंगे,वहां कल्याण करेंगे, हर

तेरे जैसा राम भगत कोई हुआ ना होगा मतवाला

तेरे जैसा राम भगत कोई हुआ ना होगा मतवाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़ दिखा डाला। आज अवध की शोभी लगती स्वर्ग लोक से भी प्यारी, १४ वर्षों बाद राम की राजतिलक की तयारी। हनुमत के दिल की मत पूछो झूम रहा है मतवाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़