Category: Durga Maa Bhajan

जैकारा शेरोंवाली का, दुर्गा है मेरी माँ,

जैकारा शेरोंवाली का बोल सांचे दरबार की जय दुर्गा है मेरी माँ, अंम्बे है मेरी माँ दुर्गा है मेरी माँ, अंम्बे है मेरी माँ…2x ओ बोलो जय माता की, जय हो ओ बोलो जय माता की, जय हो जो भी दर पे आये, जय हो वो खली न जाये, जय हो सब के काम हैं

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।

दोहा: माता जिनको याद करे, वो लोग निराले होते हैं। माता जिनका नाम पुकारे, किस्मत वाले होतें हैं। चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है। ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है। – चलो बुलावा…. सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का, रास्ता देख रही है माता, अपने आंख

जय माँ काली जान चाहे लेनी पड़े बली हम चढ़ाएंगे

खडगम चक्र गदेशु चाप परिघन शूलं बुशुंडीम शिरः शंखं संडा धातिम करे स्त्रिनयनम सर्वांगा भूषापतन जय माँ काली जय माँ काली जान चाहे लेनी पड़े जान चाहे देनी पड़े बली हम चढ़ाएंगे जय काली जय काली नाश दुष्ट का करने वाली…2x जय माँ काली जान चाहे लेनी पड़े जान चाहे देनी पड़े बली हम चढ़ाएंगे

माँ शेरा वालिये, तेरा शेर आ गया।

जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी माँ शेरा वालिये, तेरा शेर आ गया। अपने खून से नहलाने, तेरा बेटा आ गया। माँ शेरा वालिये, तेरा शेर आ गया, अपने खून से नहलाने, तेरा बेटा आ गया जय माता दी, जय माता दी, जय

प्यारा सजा है द्वार भवानी

बड़ा प्यारा सजा है द्वार भवानी । भक्तों की लगी है कतार भवानी ॥ प्यारा सजा….. ऊँचे पर्वत भवन निराला । आके शीश निवावे संसार, भवानी ॥ प्यारा सजा….. जगमग जगमग ज्योत जगे है । तेरे चरणों में गंगा की धार, भवानी ॥ तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी ॥ प्यारा सजा….. लाल चुनरिया

श्री दुर्गा चालीसा – नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥1॥ तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी

माँ वीणा पानी हो विद्या वरदानी हो।

माँ वीणा पानी हो, विद्या वरदानी हो, मेहरो वाली हो, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, अपने भक्तो की, अपने बच्चो की तुम रखवाली हो, मेरी माँ, ओ माँ।। ◾️नाम है जितने माता तुम्हारे, एक रूप के हे जगदम्बे, रूप अनेको सारे, शारदे माँ हो तुम, लक्ष्मी माँ हो तुम, कहीं पे काली

मेरी विपदा टाल दो आकर हे जग जननी माता।

मेरी विपदा टाल दो आकर, हे जग जननी माता।। ◾️तू वरदानी है, आद भवानी है, माँ तू वरदानी है, आद भवानी है, क्या में तेरा लाल नहीं हूँ, क्या तू माँ नहीं मेरी, फिर क्यों लगाई देरी, तू ही कहदे है ये कैसा, माँ बेटे का नाता, शेरों वाली माता, शेरों वाली माता।। ◾️में अज्ञानी

नित महिमा मैं गाउँ मैया तेरी।

नित महिमा मैं गाउँ मैया तेरी, ◾️और क्या माँगू मैं तुमसे माता, बस धूल चरण की चाहूँ, पल पल याद करूँ मैं तुमको, मैं हिरे रतन ना चाहूँ, अब तक तेरा प्यार मिला है, माँ हर मांग मिली मेरे मन की, आगे भी तू रखना दया माँ, तू मालिक है त्रिभुवन की, नित महिमा मैं

मेहंदी रची थारे हाथा में।

मेंहदी रची थारे हाथा मे, उड रहयो काजल आंख्या मे, चुनडी रो रंग सुरंग म्हारी आमज माँ।। ◾️अरे चांद उग्यो ओ राता मे, फूल उग्यो रण बागा मे, अरे चांद उग्यो ओ राता मे, फूल उग्यो रण बागा मे, थारो ऐसो सुहाणौ रूप म्हारी दुर्गा माँ मेंहदी रची थारे हाथा मे,,,,,औहौ। ◾️अरे रूप सुहाणौ जद